meri ghazal ko bas mohabbat ka sahaara chahiye | मेरी ग़ज़ल को बस मोहब्बत का सहारा चाहिए

  - Mansa khyaal
मेरीग़ज़लकोबसमोहब्बतकासहाराचाहिए
यानीकिइसअच्छेभलेदिलकोख़साराचाहिए
जुगनूचमकतेहैंफ़क़तरातोंमेंसबकोहैख़बर
फिरभीपरखलूँइकदफ़ादिनआश्काराचाहिए
पत्थरअगरहोदिलकीजानिबबोलोकैसेधड़केवो
पहलीमोहब्बतमेंउठीनज़रेंदोबाराचाहिए
कैसेसमझजाताहैकोईबिनकहेबातेंसभी
आख़िरदिल-ए-नादाँकोकोईतोइशाराचाहिए
हरगिज़नहींहोसकतामुझसेइन्तिज़ार-ए-ईदअब
उसचाँदसेकहदोकिरोज़-ओ-शबनज़ाराचाहिए
  - Mansa khyaal
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