hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Manoj Devdutt
jahaan samjha nahin sakte
jahaan samjha nahin sakte | जहाँ समझा नहीं सकते
- Manoj Devdutt
जहाँ
समझा
नहीं
सकते
वहाँ
ख़ुद
ही
समझ
लेना
- Manoj Devdutt
Download Sher Image
लाई
है
किस
मक़ाम
पे
ये
ज़िंदगी
मुझे
महसूस
हो
रही
है
ख़ुद
अपनी
कमी
मुझे
Ali Ahmad Jalili
Send
Download Image
51 Likes
इसी
लिए
हमें
एहसास-ए-जुर्म
है
शायद
अभी
हमारी
मोहब्बत
नई
नई
है
ना
Afzal Khan
Send
Download Image
14 Likes
जो
तस्वीरें
साथ
में
खींची
जाती
हैं
वो
इक
दिन
तन्हा
महसूस
कराती
हैं
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
61 Likes
जिस्म
के
पार
जाना
पड़ा
था
कभी
इश्क़
कर
के
हुई
बंदगी
की
समझ
Neeraj Neer
Send
Download Image
29 Likes
ये
इश्क़
नहीं
आसाँ
इतना
ही
समझ
लीजे
इक
आग
का
दरिया
है
और
डूब
के
जाना
है
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
112 Likes
लोग
औरत
को
फ़क़त
जिस्म
समझ
लेते
हैं
रुह
भी
होती
है
उस
में
ये
कहाँ
सोचते
हैं
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
54 Likes
रफ़्ता
रफ़्ता
सब
कुछ
समझ
गया
हूँ
मैं
लोग
अचानक
टैरेस
से
क्यूँ
कूद
गए
Shadab Asghar
Send
Download Image
36 Likes
लम्स
उसका
इस
क़दर
महसूस
होता
है
मुझे
हो
कोई
नाराज़
तितली
फूल
पर
बैठी
हुई
फ़िल्म
में
शायद
बिछड़ने
का
कोई
अब
सीन
है
और
मेरे
हाथ
को
वो
थाम
कर
बैठी
हुई
Read Full
Sunny Seher
Send
Download Image
5 Likes
तेरे
एहसास
को
ख़ुशबू
बनाते
जो
बस
चलता
तुझे
उर्दू
बनाते
यक़ीनन
इस
से
तो
बेहतर
ही
होती
वो
इक
दुनिया
जो
मैं
और
तू
बनाते
Read Full
Saurabh Sharma 'sadaf'
Send
Download Image
38 Likes
फ़िक्र-ए-ईजाद
में
गुम
हूँ
मुझे
ग़ाफ़िल
न
समझ
अपने
अंदाज़
पर
ईजाद
करूँँगा
तुझ
को
Jaun Elia
Send
Download Image
46 Likes
Read More
अब
तबीयत
ख़राब
रहती
है
हाथ
में
पर
शराब
रहती
है
मैं
मुसाफ़िर
हूँ
सहरा
का
और
उस
सहरा
में
वो
सराब
रहती
है
Read Full
Manoj Devdutt
Download Image
1 Like
रंग
में
अपने
रंग
ही
दिया
मुझको
होली
पर
उसने
तंग
ही
किया
मुझको
Manoj Devdutt
Send
Download Image
2 Likes
इतने
चक्कर
काटे
हैं
तेरे
घर
के
रस्ते
के
हर
गड्ढे
से
वाक़िफ़
हूँ
मैं
Manoj Devdutt
Send
Download Image
2 Likes
यूँँ
दीया
इक
जलाया
जा
रहा
है
हवा
को
आज़माया
जा
रहा
है
गले
ऐसे
लगाया
जा
रहा
है
गला
मेरा
दबाया
जा
रहा
है
कोई
घोड़ी
नहीं
चढ़ने
दिया
है
दलित
उसको
बताया
जा
रहा
है
जमीयत
है
निकलवानी
हमारी
हसीं
सपना
दिखाया
जा
रहा
है
दु'आ
उसकी
असर
कब
तक
करेगी
ये
विष
हर
दिन
पिलाया
जा
रहा
है
बँटा
इंसाफ़
अब
कुछ
इस
तरह
से
कि
बुल्डोजर
चलाया
जा
रहा
है
मुनाफ़ा
इस
क़दर
हावी
हुआ
है
ग़लत
सब
कुछ
बनाया
जा
रहा
है
हुई
थी
भूल
सारे
देश
से
जो
वही
बोझा
उठाया
जा
रहा
है
सुना
है
जो
सताता
है
ना
मुझको
उसे
भी
अब
सताया
जा
रहा
है
Read Full
Manoj Devdutt
Download Image
3 Likes
अगर
मुझको
मलाल
होता
नहीं
मेरा
फिर
ये
सवाल
होता
नहीं
दिसंबर
तो
कई
हुए
हैं
मेरे
मगर
पूरा
ये
साल
होता
नहीं
उस
ही
से
एक
हो
गया
ये
जहाँ
नहीं
तो
ये
कमाल
होता
नहीं
मोहब्बत
में
ही
तो
वो
काटा
गया
बग़ावत
से
हलाल
होता
नहीं
न
जब
तक
पाँच
यार
ही
हम
मिलें
कभी
तब
तक
धमाल
होता
नहीं
किसी
का
भी
मनोज
होता
नहीं
कभी
भी
फिर
मलाल
होता
नहीं
Read Full
Manoj Devdutt
Download Image
1 Like
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Dariya Shayari
Sorry Shayari
Afsos Shayari
Ghar Shayari
Good night Shayari