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Manoj Devdutt
gareeb ke paas dil tha
gareeb ke paas dil tha | ग़रीब के पास दिल था
- Manoj Devdutt
ग़रीब
के
पास
दिल
था
अमीर
के
पास
पैसे
- Manoj Devdutt
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खड़ा
हूँ
आज
भी
रोटी
के
चार
हर्फ़
लिए
सवाल
ये
है
किताबों
ने
क्या
दिया
मुझ
को
Nazeer Baaqri
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न
जाने
कौन
सी
दौलत
अता
करता
है
रब
इनको
किसी
भी
बाप
को
मुफ़्लिस
कभी
देखा
नहीं
मैंने
Saheb Shrey
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तुझे
न
आएँगी
मुफ़्लिस
की
मुश्किलात
समझ
मैं
छोटे
लोगों
के
घर
का
बड़ा
हूॅं
बात
समझ
Umair Najmi
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भूख
है
तो
सब्र
कर,
रोटी
नहीं
तो
क्या
हुआ
आजकल
दिल्ली
में
है
ज़ेर-ए-बहस
ये
मुद्दआ
Dushyant Kumar
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सज़ा
कितनी
बड़ी
है
गाँव
से
बाहर
निकलने
की
मैं
मिट्टी
गूँधता
था
अब
डबलरोटी
बनाता
हूँ
Munawwar Rana
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लो
चाँद
हो
गया
नमू
माह-ए-ख़राम
का
ऐ
मोमिनों
लिबास-ए-सियाह
ज़ेब-ए-तन
करो
फ़र्श-ए-अज़ा
बिछा
के
अज़ाख़ाने
में
शजर
अब
सुब्ह-ओ-शाम
ज़िक्र-ए-ग़रीब-उल-वतन
करो
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Shajar Abbas
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ग़ुर्बत
की
ठंडी
छाँव
में
याद
आई
उस
की
धूप
क़द्र-ए-वतन
हुई
हमें
तर्क-ए-वतन
के
बाद
Kaifi Azmi
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हसीं
ख़्वाबों
को
अपने
साथ
में
ढोती
हुई
आंँखे
बहुत
प्यारी
लगी
हमको
तेरी
सोती
हुई
आंँखे
मोहब्बत
में
ये
दो
क़िस्से
सुना
है
रोज़
होते
हैं
कभी
हँसता
हुआ
चेहरा
कभी
रोती
हुई
आंँखे
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Naimish trivedi
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ग़रीब
लोग
कहाँ
ख़ुद
को
बचा
पाएँगे
वबास
बच
भी
गए
भूख
से
मर
जाएँगे
Astitwa Ankur
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मुफ़लिसी
थी
और
हम
थे
घर
के
इकलौते
चराग़
वरना
ऐसी
रौशनी
करते
कि
दुनिया
देखती
Kashif Sayyed
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छोड़कर
ग़ुर्बत
में
गए
थे
लोग
छोड़
फिर
ग़ुर्बत
भी
गई
मुझको
Manoj Devdutt
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किसी
ने
बेबसी
जानी
नहीं
मेरी
किसी
ने
ख़ुद-कुशी
जानी
नहीं
मेरी
मेरी
बातें
समझने
का
किया
दावा
उन्होंने
ख़ामुशी
जानी
नहीं
मेरी
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Manoj Devdutt
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सब
सेे
ग़म
अपने
छिपाकर
रखना
बात
अपनी
मुस्कुराकर
रखना
आँख
में
काजल
लगा
कर
रखना
तुम
मुझे
पागल
बना
कर
रखना
सब
बता
देना
मुझे
पहले
ही
राज़
मुझ
सेे
फिर
छिपा
कर
रखना
मैं
तेरे
बस
में
रहूँगा
बस
तू
बाँहों
में
अपनी
फसाँ
कर
रखना
कुछ
नहीं
होगा
कभी
मुझको
पर
काला
टीका
तू
लगाकर
रखना
हर
दफ़ा
रिश्ता
रहेगा
अच्छा
तू
ख़ता
अपनी
बता
कर
रखना
तू
भरोसा
जल्द
मत
कर
मुझपर
पहले
मुझको
आज़माकर
रखना
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Manoj Devdutt
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अच्छी
इतनी
भी
तो
अय्यारी
नहीं
होती
है
फिर
अपनी
माटी
से
ग़द्दारी
नहीं
होती
है
Manoj Devdutt
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दिल
और
जान
से
नहीं
गया
फिर
इस
मकान
से
नहीं
गया
अब
वो
नज़र
मिला
नहीं
रहा
यानी
कि
शान
से
नहीं
गया
कुंडल
उतार
तो
दिया
गया
पर
छेद
कान
से
नहीं
गया
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Manoj Devdutt
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