toofaan ke nishaan rah ga.e hain | तूफ़ान के निशान रह गए हैं

  - Manoj Devdutt
तूफ़ानकेनिशानरहगएहैं
मलबेनुमामकानरहगएहैं
ओलेपड़ेतभीयहाँसभीफिर
रोतेहुएकिसानरहगएहैं
बेटीकोहीपढ़ानाथाउसको
दोख़ालीमाँकेकानरहगएहैं
फलतोकभीमिलानहींहमको
हिस्सेमेंइम्तिहानरहगएहैं
इंसानियतसभीकीमरगईहै
मुर्दायहाँजहानरहगएहैं
चाहततोमारदीगईहैयहाँ
नफ़रतकेख़ानदानरहगएहैं
घरइसलिएबिखररहाथाएक
दोभाईमेंगुमानरहगएहैं
माँबापकोनिकालतेहीघर
मेंख़ालीमर्तबानरहगएहैं
क्यूँँबोलतेनहींमनोजयेलोग
सबबनकेबे-ज़बानरहगएहैं
  - Manoj Devdutt
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