hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Manoj Devdutt
jhoothe dikhaai de rahe hain ab
jhoothe dikhaai de rahe hain ab | झूठे दिखाई दे रहे हैं अब
- Manoj Devdutt
झूठे
दिखाई
दे
रहे
हैं
अब
फिर
भी
सफ़ाई
दे
रहे
हैं
अब
जिन
मुल्ज़िमों
को
क़ैद
रखना
था
उनको
रिहाई
दे
रहे
हैं
अब
उम्मीद
जिनसे
थी
वफ़ा
की
ही
वो
बे-वफ़ाई
दे
रहे
हैं
अब
जो
दर्द
ही
देते
रहे
मुझको
अब
वो
दवाई
दे
रहे
हैं
अब
ता'रीफ़
की
आदत
लगी
उनको
सच
कब
सुनाई
दे
रहे
हैं
अब
- Manoj Devdutt
Download Ghazal Image
मिलेगी
क़ैद
से
कैसे
रिहाई
कौन
सोचेगा
यहाँ
तेरे
सिवा
तेरी
भलाई
कौन
सोचेगा
ज़माने
भर
का
तू
सोचेगा
तो
फिर
तेरे
बारे
में
मुझे
तू
ही
बता
दे
मेरे
भाई,
कौन
सोचेगा?
Read Full
Siddharth Saaz
Send
Download Image
12 Likes
न
जाने
ख़त्म
हुई
कब
हमारी
आज़ादी
तअल्लुक़ात
की
पाबंदियाँ
निभाते
हुए
Azhar Iqbal
Send
Download Image
34 Likes
दिल
से
जो
बात
निकलती
है
असर
रखती
है
पर
नहीं
ताक़त-ए-परवाज़
मगर
रखती
है
Allama Iqbal
Send
Download Image
25 Likes
लहू
वतन
के
शहीदों
का
रंग
लाया
है
उछल
रहा
है
ज़माने
में
नाम-ए-आज़ादी
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
32 Likes
अश्कों
को
आरज़ू-ए-रिहाई
है
रोइए
आँखों
की
अब
इसी
में
भलाई
है
रोइए
Abbas Qamar
Send
Download Image
53 Likes
उस
ने
अपना
बना
के
छोड़
दिया
क्या
असीरी
है
क्या
रिहाई
है
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
26 Likes
जाने
क्या
सोच
के
फिर
इन
को
रिहाई
दे
दी
हम
ने
अब
के
भी
परिंदों
को
तह-ए-दाम
किया
Ambar Bahraichi
Send
Download Image
27 Likes
Read More
हाथ
में
चूड़ियाँ
नहीं
होती
फिर
ये
मजबूरियाँ
नहीं
होती
बाप
का
ही
ख़याल
था
नहीं
तो
बीच
में
दूरियाँ
नहीं
होती
एक
हो
जाते
हम
यहाँ
पर
जो
जात
की
रूढ़ियाँ
नहीं
होती
Read Full
Manoj Devdutt
Download Image
1 Like
पहली
दफ़ा
मुझको
हुआ
था
जो
वो
आख़िरी
ही
इश्क़
था
मेरा
Manoj Devdutt
Send
Download Image
3 Likes
ख़ूब-सूरत
शक्ल
से
तो
थे
नहीं
हम
दिल
कहाँ
कोई
यहाँ
अब
देखता
है
Manoj Devdutt
Send
Download Image
1 Like
अब
तारे
दोस्त
हैं
उसके
ही
फिर
सारे
दोस्त
हैं
उसके
ही
उस
सेे
ग़ुस्सा
कब
होते
हैं
बे-चारे
दोस्त
हैं
उसके
ही
कितनी
मीठी
है
वो
फिर
भी
सब
खारे
दोस्त
हैं
उसके
ही
सबके
हिस्सों
का
जीती
है
सब
हारे
दोस्त
हैं
उसके
ही
कितनी
गोरी
है
वो
फिर
भी
सब
कारे
दोस्त
हैं
उसके
ही
Read Full
Manoj Devdutt
Download Image
1 Like
बाप
के
कन्धे
पे
बेटे
का
जनाज़ा
है
नहीं
कोई
भी
दुख
इस
से
ज़ियादा
Manoj Devdutt
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Pagal Shayari
Good night Shayari
Azal Shayari
Shama Shayari
Bijli Shayari