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Jaypratap chauhan
zindagi se haar kar tum khudkushi kyoon kar rahi ho
zindagi se haar kar tum khudkushi kyoon kar rahi ho | ज़िंदगी से हार कर तुम ख़ुद-कुशी क्यूँँॅं कर रही हो
- Jaypratap chauhan
ज़िंदगी
से
हार
कर
तुम
ख़ुद-कुशी
क्यूँँॅं
कर
रही
हो
जो
तुम्हारा
है
नहीं
उसके
लिए
भी
मर
रही
हो
मानता
हूॅं
तोड़कर
कोई
तुम्हारा
दिल
गया
है
तुम
मुझे
तो
जानती
हो
क्यूँँॅं
भला
फिर
डर
रही
हो
- Jaypratap chauhan
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मुझे
फुर्सत
नहीं
अब
वाक़ई
में
बहुत
मसरूफ
हूँ
मैं
ज़िन्दगी
में
Reshma Shaikh
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मुख़्तसर
होते
हुए
भी
ज़िन्दगी
बढ़
जाएगी
माँ
की
आँखें
चूम
लीजे
रौशनी
बढ़
जाएगी
Munawwar Rana
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छोड़कर
तन्हा
मुझे
जन्नत
में
रहने
लग
गए
हो
और
मैंने
ज़िन्दगीं
कर
ली
जहन्नम
शा'इरी
में
"Nadeem khan' Kaavish"
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कोई
ख़ामोश
ज़ख़्म
लगती
है
ज़िन्दगी
एक
नज़्म
लगती
है
Gulzar
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जान
भी
अब
दिल
पे
वारी
जाएगी
ये
बला
सर
से
उतारी
जाएगी
एक
पल
तुझ
बिन
गुज़रना
है
कठिन
ज़िन्दगी
कैसे
गुज़ारी
जाएगी
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Anjum Rehbar
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मौत
ही
इंसान
की
दुश्मन
नहीं
ज़िंदगी
भी
जान
ले
कर
जाएगी
Arsh Malsiyani
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शौक़,लत,आवारगी,अय्याशी
में
गुज़री
हमारी
ज़िन्दगी
अब
तू
मुनासिब
सी
सज़ा
दे
गिनती
करके
Kartik tripathi
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धूप
में
निकलो
घटाओं
में
नहा
कर
देखो
ज़िंदगी
क्या
है
किताबों
को
हटा
कर
देखो
Nida Fazli
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बहुत
हसीन
सही
सोहबतें
गुलों
की
मगर
वो
ज़िंदगी
है
जो
काँटों
के
दरमियाँ
गुज़रे
Jigar Moradabadi
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मौत
का
भी
इलाज
हो
शायद
ज़िंदगी
का
कोई
इलाज
नहीं
Firaq Gorakhpuri
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चाँदनी
के
सहारे
बड़े
शौक़
से
चमचमाते
हैं
तारे
बड़े
शौक़
से
भूक
जब
जब
लगी
जिस्म
की
जो
उन्हें
हमने
कपड़े
उतारे
बड़े
शौक़
से
दिल
हमारा
बहुत
क़ीमती
था
मगर
लुट
गया
दिन
दहाड़े
बड़े
शौक़
से
ज़िन्दगी
में
कभी
मात
खाए
नहीं
और
उन
सेे
थे
हारे
बड़े
शौक़
से
जिन
ख़तों
को
कभी
पास
रखती
थी
वो
एक
दिन
उसने
फाड़े
बड़े
शौक़
से
कल
तलक
तो
हमें
आप
जी
जी
कहा
आज
कहती
हो
जा
रे
बड़े
शौक़
से
जय
सुना
है
महीने
कई
तुमने
भी
बेबसी
में
गुज़ारे
बड़े
शौक़
से
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Jaypratap chauhan
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हमें
काफ़िर
बताते
हो
बताओ
क्यूँँ
ख़ुदा
वालों
कभी
भी
हिंदुओं
ने
क्या
कहीं
शब्बीर
को
मारा
नहीं
छोड़ा
महीने
छह
के
उस
नन्हे
से
असग़र
को
उसे
भी
मारने
ख़ातिर
गले
पर
तीर
को
मारा
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Jaypratap chauhan
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बहुत
ही
ख़ूब-सूरत
हो
मिरी
तो
तुम
मोहब्बत
हो
बनो
दुल्हन
मिरी
बस
तुम
मिरी
तो
तुम
ही
हसरत
हो
मज़ा
जब
प्यार
में
आए
बहुत
सारी
शरारत
हो
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Jaypratap chauhan
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हक़ीक़त
है
मुझे
तुझ
सेे
मोहब्बत
है
हक़ीक़त
है
मुझे
तेरी
ज़रूरत
है
हक़ीक़त
में
तुझे
ऐ
जाँ
बता
मैं
दूँ
हक़ीक़त
ये
कि
तू
मेरी
इबादत
है
नफ़स
जब
तक
बदन
में
है
तुम्हारा
हूँ
हक़ीक़त
में
सनम
ये
भी
हक़ीक़त
है
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Jaypratap chauhan
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मैं
कातिब
हूँ
मुझे
कातिब
ही
रहने
दो
कहीं
क़ातिल
हुआ
तो
क्या
ग़ज़ब
होगा
Jaypratap chauhan
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