ishq na karna yaar malaalat hoti hai | इश्क़ न करना यार मलालत होती है

  - Marghoob Inaam Majidi
इश्क़करनायारमलालतहोतीहै
रुस्वाईऔरमहज़जलालतहोतीहै
कुछदिनतोवोसाथरहेगाहरलम्हा
उसकेबादतोफ़ुर्क़तफ़ुर्क़तहोतीहै
हिज्र-ए-जानाँमेंतुमऐसेतड़पोगे
बिनपानीमछलीसीहालतहोतीहै
चंदघड़ीमेंऐसेवोबदलेहैरंग
गिरगिटकोभीउसपेहैरतहोतीहै
तुमकोलेकरलाखोंख़्वाबसजाएथे
अपनेउसख़्वाबोंपेनदामतहोतीहै
लोहाजैसेखाजाताइंसानोंको
जंगकेजैसीहीयेमोहब्बतहोतीहै
  - Marghoob Inaam Majidi
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