दर्दकाअपनेखुलासानहींकरेंगेहम
अबशहरभरमेंतमाशानहींकरेंगेहम
जैसाहूँवैसाहीमुझकोक़बूलकरलीजे
आपकीख़ातिरदिखावानहींकरेंगेहम
श्यामसेभीअच्छी-खासीहमारीबनतीहै
रातदिनबसराधा-राधानहींकरेंगेहम
पूछलेंगेलोगहमसेेसबबजुदाईका
ज़िक्रग़ज़लोंमेंतुम्हारानहींकरेंगेहम
हरदफ़ानाक़ामहोकरफ़क़तयहीसोचा
इश्क़'माहिर'अबदुबारानहींकरेंगेहम