yuñ chup na rah zaraa mire khayal par khayal kar | यूँँ चुप न रह ज़रा मिरे ख़याल पर ख़याल कर

  - Vijay Anand Mahir
यूँँचुपरहज़रामिरेख़यालपरख़यालकर
जवाबपेजवाबदेसवालपरसवालकर
उठूँयाफिरनहींउठूँमैंकश्मकशमेंेंडालकर
चलागयाहैवोकहींमुझेक़रींबिठालकर
तूख़ुशनसीबहैतुझेमिलेहैंयाररंज-ओ-ग़म
ख़ुदाकाशुक्रकरअदाशराबपीमलालकर
तमामरातजागतेरहेदिल-ओ-दिमाग़फिर
मुझेकहीथीउसनेबातयूँँहरइकसँभालकर
तूदुश्मनोंकेसाथरहहाँ!उनसेेपरगुरेज़कर
खड़ेहैंसाथजोतिरेगलेमेंहाथडालकर
मुझेभीतोबतातिराहैकौनआसमानमें
जोतूगुहरलगारहाहैहाथकोउछालकर
वोमाहिर-ए-ता'लीमहैंउन्हेंफ़क़तलगीग़ज़ल
वगरनापेशेयारकरदियाथादिलनिकालकर
  - Vijay Anand Mahir
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