kyun lagti hai tujhko uljhan paayal | क्यूँँ लगती है तुझको उलझन पायल

  - Vijay Anand Mahir
क्यूँँलगतीहैतुझकोउलझनपायल
तेरेपैरोंकीहैधड़कनपायल
हमजैसोंकीजानपेबनआतीहै
जबकरतीहैतेरीछनछनपायल
राधारानीनेभीबंसीबजाई
औरपहनकेनाचेमोहनपायल
पहलातोहफ़ादेनाहोतोदेना
काजल,चूड़ी,बिंदी,कंगन,पायल
हमनेसबकादिलऐसेरक्खाहै
जैसेपहनेकोईबिरहनपायल
जब-जबभीउनसेेमिलनाहोताहै
'माहिर'बनजातीहैदुश्मनपायल
  - Vijay Anand Mahir
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