hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Lekhak Suyash
jis din tum ko j
jis din tum ko j | जिस दिन तुम को जाना हो
- Lekhak Suyash
जिस
दिन
तुम
को
जाना
हो
उस
दिन
जाँ
तुम
मत
आना
- Lekhak Suyash
Download Sher Image
तुम्हें
हुस्न
पर
दस्तरस
है
मोहब्बत
वोहब्बत
बड़ा
जानते
हो
तो
फिर
ये
बताओ
कि
तुम
उस
की
आँखों
के
बारे
में
क्या
जानते
हो
ये
जुग़राफ़िया
फ़ल्सफ़ा
साईकॉलोजी
साइंस
रियाज़ी
वग़ैरा
ये
सब
जानना
भी
अहम
है
मगर
उस
के
घर
का
पता
जानते
हो
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
1272 Likes
अभी
तो
जान
कहता
फिर
रहा
है
तू
तुझे
हम
हिज्र
वाले
साल
पूछेंगे
Parul Singh "Noor"
Send
Download Image
37 Likes
पहले
तो
तुम्हें
जान
पुकारेंगे
यही
लोग
फिर
ख़ुद
ही
तुम्हें
जान
से
मारेंगे
यही
लोग
मुँह
पर
तो
बड़े
फ़ख्र
से
ता'ईद
करेंगे
फिर
पीठ
में
खंज़र
भी
उतारेंगे
यही
लोग
Read Full
Ashraf Ali
Send
Download Image
7 Likes
इक
और
इश्क़
की
नहीं
फुर्सत
मुझे
सनम
और
हो
भी
अब
अगर
तो
मेरा
मन
नहीं
बचा
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
26 Likes
वही
शागिर्द
फिर
हो
जाते
हैं
उस्ताद
ऐ
'जौहर'
जो
अपने
जान-ओ-दिल
से
ख़िदमत-ए-उस्ताद
करते
हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
Send
Download Image
33 Likes
कहाँ
तक
साथ
दोगी
तुम
हमारा
सनम
जावेदाँ
है
यह
ग़म
हमारा
Avtar Singh Jasser
Send
Download Image
0 Likes
पत्थर
के
ख़ुदा
पत्थर
के
सनम
पत्थर
के
ही
इंसाँ
पाए
हैं
तुम
शहर-ए-मोहब्बत
कहते
हो
हम
जान
बचा
कर
आए
हैं
Sudarshan Fakir
Send
Download Image
44 Likes
इसी
से
जान
गया
मैं
कि
बख़्त
ढलने
लगे
मैं
थक
के
छाँव
में
बैठा
तो
पेड़
चलने
लगे
मैं
दे
रहा
था
सहारे
तो
इक
हुजूम
में
था
जो
गिर
पड़ा
तो
सभी
रास्ता
बदलने
लगे
Read Full
Farhat Abbas Shah
Send
Download Image
69 Likes
उम्र
भर
मेरी
उदासी
के
लिए
काफ़ी
है
जो
सबब
मेरी
ख़मोशी
के
लिए
काफ़ी
है
जान
दे
देंगे
अगर
आप
कहेंगे
हम
सेे
जान
देना
ही
मु'आफ़ी
के
लिए
काफ़ी
है
Read Full
Aakash Giri
Send
Download Image
9 Likes
मजबूरी
में
रक़ीब
ही
बनना
पड़ा
मुझे
महबूब
रहके
मेरी
जो
इज़्ज़त
नहीं
हुई
Sabahat Urooj
Send
Download Image
48 Likes
Read More
क्या
ही
बेकार
कहानी
है
ये
सारे
किरदार
तो
ख़ुश
लगते
हैं
Lekhak Suyash
Send
Download Image
2 Likes
ख़ुद-कुशी
तो
होने
से
रही
मौत
की
दु'आ
दो
यारों
अब
Lekhak Suyash
Send
Download Image
1 Like
ये
कार-ए-मुहाल
कर
लिया
है
अब
ख़ुद
को
बहाल
कर
लिया
है
Lekhak Suyash
Send
Download Image
1 Like
पहले
सा
आबाद
नहीं
मैं
अब
ख़ुद
को
भी
याद
नहीं
मैं
अब
मैं
थोड़ा
फ़ासिद
भी
हूँ
अब
कोई
शमशाद
नहीं
मैं
औरों
से
क्या
ही
कहता
मैं
यारों
को
भी
याद
नहीं
मैं
शहज़ादी
सा
रक्खा
उसको
हाँ
लेकिन
शहज़ाद
नहीं
मैं
उसको
भुला
के
अच्छा
ये
है
'लेखक'
अब
शब-ज़ाद
नहीं
मैं
Read Full
Lekhak Suyash
Download Image
2 Likes
ग़ैरतों
के
मसअले
थे
ख़्वाब
हम
पर
हँस
रहे
थे
Lekhak Suyash
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Sad Shayari
War Shayari
Azal Shayari
Hadsa Shayari
Tohfa Shayari