nayi ik dost meri jab se aadat ho gaii hai | नई इक दोस्त मेरी जब से आदत हो गई है

  - Lalit Mohan Joshi
नईइकदोस्तमेरीजबसेआदतहोगईहै
मुझेलगतादुबारासेमोहब्बतहोगईहै
मुझेकाबिलज़मानेकेबनातीजारहीजो
उसीलड़कीसेमेरीयारसोहबतहोगईहै
नहींमुझकोख़बरबेजानदुनियाकीरहीअब
उसीलड़कीसेदुनियाख़ूब-सूरतहोगईहै
वहीहैचाँदतारेऔरउसकोक्याकहूँमैं
परीमुझकोमिलीतोअब्र-ए-रहमतहोगईहै
'ललित'साहबयेदुनियाकोबतातेजारहेफिर
वहीलड़कीजोउनकीसारीदौलतहोगईहै
  - Lalit Mohan Joshi
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