दु'आभीनहींकोईहक़मेंरहीहै
मुझेमेरीक़िस्मतरुलाकरगईहै
लगायाकभीदिलकोमैंनेयहाँजो
मगरबे-वफ़ाईहमेशामिलीहै
गुलाबोंकोतुमनेतोमहकादियाथा
जोफेराहैचेहरावोख़ुशबूगईहै
सफ़रज़िंदगीकामुझेख़ूबभाया
मगरबसतुम्हारीकमीखलरहीहै
नमनमेंहैउलझननकोईशिकायत
तुम्हेंखोयापाकरयहीबसकमीहै
जिसेमैंसमझतारहाथासहारा
वहीशाख़आँधीमेंपहलेगिरीहै
मैंतन्हाहीचलतारहाउम्रभरसे
येदुनियामगरमुझसेेक्यूँँॅंडररहीहै
जिसेमंदिरोंकीतरहपूजताथा
वोशायरमुझेयूँँबनाकरगईहै
बुलंदीकीख़्वाहिशमुझेथीमगरअब
कईरास्तोंयानीअड़चनमिलीहै
वोकहतीरहीहैसभीठीकहोगा
मगरयेतसल्लीभीअबथकगईहै
वोमाथाजोपटकेग़ज़लयारबहती
ग़ज़लतोललितकेयूँँख़ूँमेंरहीहै