hamko duniya ke aazmaane se pahle | हमको दुनिया के आज़माने से पहले

  - Lalit Mohan Joshi
हमकोदुनियाकेआज़मानेसेपहले
हमकोरुकनाहैइसनज़ारेसेपहले
यादमेरीतुमकोबहुतआएगीफिर
तुमकोबोलाथामैंनेजानेसेपहले
जिसकोचाहूँवोरूहमेंज़हररक्खे
काशवोकहदेतापिलानेसेपहले
मैंनेतुमकोजिसनज़्ममेंसबकहाथा
जारहेहोतुमउसकोसुननेसेपहले
मैंलुटाहूँकितनामोहब्बतकेरस्ते
काशकोईसमझेभुलानेसेपहले
वोग़ज़लमेंकहतारहादर्दअपना
डररहाहूँमहफ़िलबुलानेसेपहले
ज़िन्दगीसबकोहैसिखातीयहाँपर
पढ़लेंख़ुदभीथोड़ासिखानेसेपहले
जबमिलनेकीकोईउम्मीदबाक़ी
फ़ैसलाकरदोअबकिजानेसेपहले
तुममुहब्बतकोकोईहोखेलसमझे
टूटनापड़ताहैनिभानेसेपहले
मैंखड़ाहूँग़मकेसमुंदरकिनारे
देखनाहैमुझकोडुबानेसेपहले
हमसभीकोइकरोज़मिटनाहैयारो
क्यूँसचबोलेयारमिटनेसेपहले
ज़ख़्मभीअबतोसबहमारेहमेंही
कुछसिखातेहैंचोटखानेसेपहले
कामहोनेकाअपनाइकवक़्तहैतय
सोनहींहोगावक़्तआनेसेपहले
हमफ़रिश्ताजिसकोयहाँमानतेथे
चलदियावोरस्तादिखानेसेपहले
घरकिराएकाऔरख़र्चादवापर
फिरउधारीसरहैमहीनेसेपहले
फ़ोनपरहीपूछागयाहालउसका
बुझगयाचेहराएकखिलनेसेपहले
पहलेशायरनेइकग़ज़लकोजियाफिर
अबभटकताहैवोसुनानेसेपहले
मीठेजुमलोंमेंहैंछुपीसाज़िशेंसौ
सोचलेतेहैंहमयेहँसनेसेपहले
इकघड़ीमैंनेसोचकरयेख़रीदी
जोबतादेगीग़मकोआनेसेपहले
इकदवामुझकोचाहिएज़ख़्मख़ातिर
ज़ख़्मभीभरनाहैवोबढ़नेसेपहले
दिलकोपहलेतोजिस्मकोबादमारा
बसबदनकोढोयायूँँमरनेसेपहले
येसुख़न-वरबेदर्दइकमौतपाए
येदु'आकरदोयारजानेसेपहले
जबसेदफ़्तरमेंचेहरोंकेखोलदेखे
सबललितसेजलतेहैंहँसनेसेपहले
  - Lalit Mohan Joshi
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