aas ka deepak jala kar ham chalen | आस का दीपक जला कर हम चलें

  - Lalit Mohan Joshi
आसकादीपकजलाकरहमचलें
मुश्किलोंकादिलदुखाकरहमचलें
हैंधुआँडरकायहाँमानामगर
हौसलारबसेअताकरहमचलें
एकदिनमंज़िलतोमिलहीजाएँगी
ख़्वाबआँखोंमेंसजाकरहमचलें
हमगिरेहरमोड़हररस्तेयहाँ
सीखउनसेेयारपाकरहमचलें
क्यूँरुकेंहमक्यूँझुकेंयारोयहाँ
रास्ताख़ुदकाबनाकरहमचलें
अब'ललित'जोश-ए-जुनूँथमनेपाए
बससफ़रमेंमुस्कुराकरहमचलें
  - Lalit Mohan Joshi
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