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Kumar Aryan
kisi haalaat men nain maangi hamne
kisi haalaat men nain maangi hamne | किसी हालात में नइँ माँगी हमने
- Kumar Aryan
किसी
हालात
में
नइँ
माँगी
हमने
ख़ुशी
ख़ैरात
में
नइँ
माँगी
हमने
- Kumar Aryan
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जो
बिस्मिल
बना
दे
वो
क़ातिल
तबस्सुम
जो
क़ातिल
बना
दे
वो
दिलकश
नज़ारा
मोहब्बत
का
भी
खेल
नाज़ुक
है
कितना
नज़र
मिल
गई
आप
जीते
मैं
हारा
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Nushur Wahidi
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चंद
कलियाँ
नशात
की
चुन
कर
मुद्दतों
महव-ए-यास
रहता
हूँ
तेरा
मिलना
ख़ुशी
की
बात
सही
तुझ
से
मिल
कर
उदास
रहता
हूँ
Sahir Ludhianvi
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जाने
कैसे
ख़ुश
रहने
की
आदत
डाली
जाती
है
उनके
यहाँ
तो
बारिश
में
भी
धूप
निकाली
जाती
है
Ritesh Rajwada
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तुम
इन
लबों
की
हँसी
और
ख़ुशी
पे
मत
जाना
ये
रोज़
रोज़
हमें
भी
फ़रेब
देते
हैं
Shadab Asghar
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हुनर
से
काम
लिया
पेंट
ब्रश
नहीं
तोड़ा
बना
लिया
तेरे
जैसा
ही
कोई
रंगों
से
मुझे
ये
डर
है
कि
मिल
जाएगी
तो
रो
दूँगा
मैं
जिस
ख़ुशी
को
तरसता
रहा
हूँ
बरसों
से
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Rahul Gurjar
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ख़ुशी
में
भी
ख़ुशी
होती
नहीं
अब
तेरा
ग़म
ही
सतह
पर
तैरता
है
Umesh Maurya
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तू
अगर
ख़ुश
है
मेरे
रोने
में
मैं
वहाँ
बैठ
जाऊँ
कोने
में
देखते
हो
ये
ईंट
का
तकिया
एक
अर्सा
लगा
भिगोने
में
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Zahid Bashir
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साल
के
तीन
सौ
पैंसठ
दिन
में
एक
भी
रात
नहीं
है
उसकी
वो
मुझे
छोड़
दे
और
ख़ुश
भी
रहे
इतनी
औक़ात
नहीं
है
उसकी
Muzdum Khan
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मुद्दत
के
बाद
उस
ने
जो
की
लुत्फ़
की
निगाह
जी
ख़ुश
तो
हो
गया
मगर
आँसू
निकल
पड़े
Kaifi Azmi
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दुखी
रहने
की
आदत
यूँंँ
बना
ली
है
कि
अब
कोई
ख़ुशी
का
ज़िक्र
भी
कर
दे
तो
फिर
तकलीफ़
होती
है
Dipendra Singh 'Raaz'
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सैकड़ों
घर
थे
मगर
फुटपाथ
पे
सोया
था
मैं
जब
तुम्हारे
शहरस
लौटा
बहुत
रोया
था
मैं
Kumar Aryan
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एक
दूजे
से
कभी
यार
मिला
करते
थे
शक्ल
भी
फूल
के
मानिंद
खिला
करते
थे
Kumar Aryan
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पर्व
त्यौहार
की
ये
रीत
मुबारक़
हो
मेरे
चाँद
तुझको
भी
प्यार
भरा
तीज
मुबारक़
हो
मेरे
चाँद
Kumar Aryan
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यार
घुट-घुट
के
मरना
नहीं
चाहता
मारना
ही
है
तो
जान
से
मार
दे
Kumar Aryan
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क्या
भला
है
क्या
बुरा
है
जो
हुआ
अच्छा
हुआ
है
द्वारिका
तक
आते
आते
मित्र
अब
आना
हुआ
है
तुमने
मुझको
कब
पुकारा
बन्दा
तो
कब
से
खड़ा
है
वक़्त
का
तेवर
जो
बदला
बोल
क्या
मेरी
ख़ता
है
बे-सबब
तुम
रूठ
बैठे
ये
नहीं
अच्छा
लगा
है
मुझको
मेरा
ग़म
मुबारक
आपको
क्यूँ
कर
गिला
है
आप
भी
रोते
हैं
साहब
रंज
दिल
में
क्या
छिपा
है
मौत
आख़िर
काम
आई
सर
से
सब
झंझट
हटा
है
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Kumar Aryan
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