swachh koii jal nahin hai | स्वच्छ कोई जल नहीं है

  - Kumar Aryan
स्वच्छकोईजलनहींहै
वायुभीनिर्मलनहींहै
जीनाजितनाहोकठिनपर
मरनाकोईहलनहींहै
बातेंकड़वीकरताहूँमैं
दिलमेंकोईछलनहींहै
तनपेरेशमडालेआया
पाँवमेंचप्पलनहींहै
जितनीकोमलउसकीवाणी
उतनीवोकोमलनहींहै
शहरोंमेंहैशोरलेकिन
बस्तीमेंहलचलनहींहै
सोचताहूँमाओंकेअब
सरपेक्यूँआँचलनहींहै
बापघरकैसेचलाए
बाज़ूमेंअबबलनहींहै
रक्षाहोकैसेसियाकी
अबवोरामादलनहींहै
  - Kumar Aryan
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy