khud ko main aisa ban | ख़ुद को मैं ऐसा बनाना चाहता हूँ

  - Kumar Aryan
ख़ुदकोमैंऐसाबनानाचाहताहूँ
मुफ़लिसोंकेकामआनाचाहताहूँ
रस्मचाहेजोचलालोदोस्तोंपर
मैंतोअपनाघरचलानाचाहताहूँ
दुनियामुझकोआज़माकरथकगईहै
अबमैंख़ुदकोआज़मानाचाहताहूँ
जिसकीछाँओंमेंपनाहेंलेमुसाफ़िर
पेड़इकऐसालगानाचाहताहूँ
मुझकोफ़िक्र-ए-फ़र्दाहैजानेजिगरकुछ
इसलिएमैंभीकमानाचाहताहूँ
नफ़रतोंकादौरहैलेकिनमहोदय
प्रेमकामैंगीतगानाचाहताहूँ
आपनेतोदिलदुखायाहैमेरापर
आपकोहरदमहँसानाचाहताहूँ
जिसगलीमेंप्यारहीबसप्यारहोअब
उसगलीमेंयारजानाचाहताहूँ
नर्महोंटोंपरलबोंकोडालकरबस
आगदिलमेंमैंलगानाचाहताहूँ
शाइरोंकीमहफ़िलोंमेंबैठकरमैं
अपनाभीजौहरदिखानाचाहताहूँ
  - Kumar Aryan
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