hai mohabbat men qayaamat bas qayaamat ke bina | है मोहब्बत में क़यामत बस क़यामत के बिना

  - Divya 'Kumar Sahab'
हैमोहब्बतमेंक़यामतबसक़यामतकेबिना
होरहाहूँमैंफ़नातेरीमोहब्बतकेबिना
इसदवाकेऔरदु'आकेहाथमेंकुछहैनहीं
अबलगालेतूगलेमुझकोइजाज़तकेबिना
लोगकहतेहैंमुझेचलभूलजाअबतूउसे
भूलमैंसबकुछगयातेरीइबादतकेसिवा
हाथसेअपनेखिलादेअन्नकाइककौरतू
भूखअबलगतीनहींतेरीइनायतकेबिना
रूहकोमैंनेजलाकरराहबसतेरीतकी
बुझजाएयेदियातेरीहिफ़ाज़तकेबिना
देरहोतेहीयहाँसबकोयक़ींझटहोगया
क्यूँँनहींकरतायक़ींकोईशहादतकेबिना
  - Divya 'Kumar Sahab'
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