hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Deepak Pathak
yuñ nibhaata tha vo jaise ajnabi tha
yuñ nibhaata tha vo jaise ajnabi tha | यूँँ निभाता था वो जैसे अजनबी था
- Deepak Pathak
यूँँ
निभाता
था
वो
जैसे
अजनबी
था
पर
मेरा
सब
कुछ
मेरा
सब
कुछ
वही
था
मैं
तो
बस
आया
था
उसकी
ज़िन्दगी
में
कोई
और
ही
उसकी
लेकिन
ज़िन्दगी
था
दुख
उठाये
जिस
की
ख़ातिर
हमने
हरदम
वो
हमीं
से
कहता
था
हम
सेे
दुखी
था
इश्क़
का
हम
सेे
भला
क्या
पूछते
हो
आज
का
हमको
पता
नईं
पर
कभी
था
- Deepak Pathak
Download Ghazal Image
वो
किसी
के
साथ
ख़ुश
था
कितने
दुख
की
बात
थी
अब
मेरे
पहलू
में
आ
कर
रो
रहा
है
ख़ुश
हूँ
मैं
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
101 Likes
कब
ठहरेगा
दर्द
ऐ
दिल
कब
रात
बसर
होगी
सुनते
थे
वो
आएँगे
सुनते
थे
सहर
होगी
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
40 Likes
और
भी
दुख
हैं
ज़माने
में
मोहब्बत
के
सिवा
राहतें
और
भी
हैं
वस्ल
की
राहत
के
सिवा
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
102 Likes
हर
एक
सितम
पे
दाद
दी
हर
ज़ख़्म
पे
दु'आ
हमने
भी
दुश्मनों
को
सताया
बहुत
दिनों
Nawaz Deobandi
Send
Download Image
38 Likes
हम
आह
भी
करते
हैं
तो
हो
जाते
हैं
बदनाम
वो
क़त्ल
भी
करते
हैं
तो
चर्चा
नहीं
होता
Akbar Allahabadi
Send
Download Image
64 Likes
वो
रातें
चाँद
के
साथ
गईं
वो
बातें
चाँद
के
साथ
गईं
अब
सुख
के
सपने
क्या
देखें
जब
दुख
का
सूरज
सर
पर
हो
Ibn E Insha
Send
Download Image
20 Likes
हमारे
सैकड़ों
दुख
थे,
और
उस
में
एक
दुख
ये
भी
जो
हम
से
हो
के
गुज़रे
थे,
हमें
दीवार
कहते
थे
Read Full
Siddharth Saaz
Send
Download Image
25 Likes
उस
हिज्र
पे
तोहमत
कि
जिसे
वस्ल
की
ज़िद
हो
उस
दर्द
पे
ला'नत
की
जो
अशआ'र
में
आ
जाए
Vipul Kumar
Send
Download Image
26 Likes
ज़ख़्म
दिल
के
भरे
नहीं
अब
तक
और
इक
दर्द
फिर
हरा
कर
लूँ
अब
भरोसा
नहीं
किसी
का
पर
तू
कहे
तो
यक़ीं
तिरा
कर
लूँ
Read Full
Harsh saxena
Send
Download Image
15 Likes
जिसकी
ख़ातिर
कितनी
रातें
सुलगाई
जिसके
दुख
में
दिल
जाने
क्यूँ
रोता
है
इक
दिन
हम
सेे
पूछ
रही
थी
वो
लड़की
प्यार
में
कोई
पागल
कैसे
होता
है
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
40 Likes
Read More
ख़ूब-सूरत
हैं
ख़ूब
सारे
हैं
आसमाँ
में
अजब
नज़ारे
हैं
मौत
को
दोष
देना
है
बेकार
लोग
तो
ज़िन्दगी
ने
मारे
हैं
लड़कियाँ
मरती
थीं
कई
हम
पे
हम
मगर
जान
तुम
पे
हारे
हैं
आप
जिनके
सहारे
हैं
वो
लोग
ख़ुद
किसी
और
के
सहारे
हैं
हाए
लब
तेरे
हाए
ये
आरिज़
कितने
दिलकश
हैं
कितने
प्यारे
हैं
तुम
समुंदर
समझते
हो
जिन
को
वो
हक़ीक़त
में
सब
किनारे
हैं
Read Full
Deepak Pathak
Download Image
0 Likes
मेरी
ज़मीं
पे
कोई
और
फ़स्ल
बोने
लगा
ये
आज
कल
तेरी
बाहों
में
कौन
सोने
लगा
निकाह
में
तो
जुदा
होने
की
सहूलत
है
मुहब्बतों
में
भला
कब
तलाक़
होने
लगा
तुम्हारे
बाद
कहीं
लग
गया
मेरा
भी
दिल
बिखर
गए
थे
जो
मोती
उन्हें
पिरोने
लगा
वो
आज
मुझ
सेे
कई
साल
के
यूँँ
बाद
मिला
गले
से
लग
गया
और
लग
के
ख़ूब
रोने
लगा
Read Full
Deepak Pathak
Download Image
1 Like
बस
इक
दिन
के
लिए
कब
ख़ास
रहती
है
उदासी
हम
को
बारह
मास
रहती
है
Deepak Pathak
Send
Download Image
1 Like
इश्क़
में
कुछ
भी
रखा
नहीं
है
कोई
इस
से
पर
बचा
नहीं
है
मैं
भला
बेचैन
रहता
हूँ
क्यूँँ
ये
मुझे
ख़ुद
भी
पता
नहीं
है
देवता
है
तू
मेरा
बस
इक
ही
दूसरा
मेरा
ख़ुदा
नहीं
है
काश
कहता
कोई
तो
मुझे
ये
आदमी
तू
भी
बुरा
नहीं
है
Read Full
Deepak Pathak
Download Image
0 Likes
ख़ूब-सूरत
ज़िन्दगी
कभी
नहीं
देखी
पहले
ऐसी
सादगी
कभी
नहीं
देखी
चाँद
ने
कल
देख
के
तुझे
कहा
बस
ये
मैंने
इतनी
रौशनी
कभी
नहीं
देखी
Read Full
Deepak Pathak
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Self respect Shayari
Jeet Shayari
Religion Shayari
Manzil Shayari
Tanz Shayari