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Kohar
ishq men ho to davaa bhi be-asar hai
ishq men ho to davaa bhi be-asar hai | इश्क़ में हो तो दवा भी बे-असर है
- Kohar
इश्क़
में
हो
तो
दवा
भी
बे-असर
है
इश्क़
में
तो
लोग
होते
बे-बसर
है
जानते
ही
तो
नहीं
कैसी
बला
है
इसलिए
अंजाम
से
वे
बे-ख़बर
है
छूट
जाए
साथ
तो
सूना
सा
घर
है
साथ
होते
थे,
रहे
तब
बे-कदर
है
- Kohar
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मुझे
पहले
पहल
लगता
था
ज़ाती
मसअला
है
मैं
फिर
समझा
मोहब्बत
क़ायनाती
मसअला
है
परिंदे
क़ैद
हैं
तुम
चहचहाहट
चाहते
हो
तुम्हें
तो
अच्छा
ख़ासा
नफ़सयाती
मसअला
है
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Umair Najmi
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नींद
के
दायरे
में
हाज़िर
हूँ
ख़्वाब
के
रास्ते
में
हाज़िर
हूँ
याद
है
इश्क़
था
कभी
मुझ
सेे
मैं
उसी
सिलसिले
में
हाज़िर
हूँ
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Ejaz Tawakkal Khan
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मिलता
नहीं
जहाँ
में
कोई
काम
ढंग
का
इक
इश्क़
था
सो
वो
भी
कई
बार
कर
चुके
Nomaan Shauque
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मैं
दौड़
दौड़
के
ख़ुद
को
पकड़
के
लाता
हूँ
तुम्हारे
इश्क़
ने
बच्चा
बना
दिया
है
मुझे
Liaqat Jafri
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मोहब्बत
करने
वाले
कम
न
होंगे
तिरी
महफ़िल
में
लेकिन
हम
न
होंगे
Hafeez Hoshiarpuri
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इश्क़
में
तेरे
गँवा
दी
ये
जवानी
जानेमन
हो
गई
दिलचस्प
अपनी
भी
कहानी
जानेमन
Tanoj Dadhich
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रास्ता
जब
इश्क़
का
मौजूद
है
फिर
किसी
की
क्यूँँ
इबादत
कीजिए?
ख़ुद-कुशी
करना
बहुत
आसान
है
कुछ
बड़ा
करने
की
हिम्मत
कीजिए
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Bhaskar Shukla
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मुहब्बत
में
हमने
सियासत
न
की
तभी
इश्क़
में
कोई
बरकत
न
की
उसे
मानता
था
मैं
अपना
ख़ुदा
कभी
उसकी
लेकिन
इबादत
न
की
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RAJAT AWASTHI
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अदाकार
के
कुछ
भी
बस
का
नहीं
है
मोहब्बत
है
ये
कोई
ड्रामा
नहीं
है
जिसे
तेरी
आँखें
बताती
हैं
रस्ता
वो
राही
कहीं
भी
पहुँचता
नहीं
है
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Zubair Ali Tabish
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रोज़
मिलने
पे
भी
लगता
था
कि
जुग
बीत
गए
इश्क़
में
वक़्त
का
एहसास
नहीं
रहता
है
Ahmad Mushtaq
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कर
गया
हैरान
तेरा
गैर
होना
मुझ
सेे
कर
गया
वीरान
दिल
को
बैर
होना
मुझ
सेे
Kohar
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गई
जो
जान
तब
अब
के
नहीं
जानी
हसीं
वो
रात
बीती
फिर
नहीं
आनी
जताते
प्यार
कितना
और
कब
तक
यूँं
गया
थक
मैं
मनाते
तू
कहा
मानी
कहा
सुनता
किसी
की
तू
कभी
इक
भी
वही
तो
तू
करे
करने
की
जो
ठानी
रहें
लड़ते
हुए
सोचा
कभी
ना
ये
बनी
है
बीच
जो
दीवार
है
ढानी
उदासी
है
चले
जाने
से
तेरे
जो
की
लगता
है
ख़ुशी
तो
अब
नहीं
आनी
बहे
ग़म
जा
रहें
आँखों
सहारे
थे
कभी
जो
अश्क
थे
अब
है
महज
पानी
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Kohar
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ज़ख़्म
अपनों
से
मिले
है
ग़ैर
पूछे
हाल
मेरा
Kohar
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करे
लोग
ज़ख़्मी
भले
ही
ज़बाँ
से
मगर
तू
ज़बाँ
पर
दवा
सा
असर
रख
Kohar
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इश्क़
में
कुछ
क़रीब
क्या
आया
मुझ
से
बिछड़ा,
रकीब
क्या
आया
Kohar
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