vaqt ki be-rukhi hai yaad mujhe | वक़्त की बे-रूख़ी है याद मुझे

  - Khalid Azad
वक़्तकीबे-रूख़ीहैयादमुझे
तूअभीज़िंदगीहैयादमुझे
अबपरिंदोंकोपानीदेतेहैं
अबतलकतिश्नगीहैयादमुझे
कोईडूबेतोग़मनहींहोता
नावइककाग़ज़ीहैयादमुझे
वोभीवक़्तनबदलनेवालाथा
इश्क़वोमौसमीहैयादमुझे
वैसेसबकुछभुलादियालेकिन
बातइकअनकहीहैयादमुझे
आईनाआजसचबतादेतू
क्याकोईवाक़ईहैयादमुझे
मैंहीशायदग़लतसमझबैठा
परतेरीख़ामोशीहैयादमुझे
दोस्तीकापतानहींतेरी
हाँमगरदुश्मनीहैयादमुझे
  - Khalid Azad
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