azal se to abad tak hai guzaare ka sahaara dukh | अज़ल से तो अबद तक है गुज़ारे का सहारा दुख

  - Khalid Azad
अज़लसेतोअबदतकहैगुज़ारेकासहारादुख
ख़ुदानेसाथआदमकेउताराहैयेसारादुख
इसीडरसेकिसीग़मकामनायाहीनहींमातम
ज़मानायेसमझेफिरअभीतकहैतुम्हारादुख
सभीकेसाथबांँटीहैहमेशाहरख़ुशीहमने
मगरहमनेतोतन्हाहीशबोंमेंहैगुज़ारादुख
जहाँँपरइज्ज़त-ए-नफ़सीसेबढ़करकुछनहींहोता
वहाँँसमझेकोईकैसेतुम्हारादुखहमारादुख
अभीआग़ाज़-ए-उल्फ़तहैअभीमुमकिनपलटनाहै
वगरनातुमभीचीख़ोगेहमारादुखहमारादुख
मुहब्बतकेसफ़ीनेतोग़मोंसेपारहोतेहैं
वहीसाहिलपेउतरेगाहैजिसकाबसकिनारादुख
  - Khalid Azad
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy