aise sikke-sa mat uchh | ऐसे सिक्के-सा मत उछाला कर

  - KARAN
ऐसेसिक्के-सामतउछालाकर
क़ीमतीहूँ,मुझेसँभालाकर
डालदेइकनज़र,मुहब्बतकी
इसबयाबाँमें,कुछउजालाकर
अश्क़,क्यूँराएगाँबहाताहै?
दर्दहैतो,ग़ज़लमेंढालाकर
दर्द-मन्दोंकी,बनदवाप्यारे
ज़र्फ़अपना,जहाँमेंआलाकर
येअना,कामकीनहींतेरे
प्यारसेकाम,तूनिकालाकर
कितनेआशोब,सरउठातेहैं
नींदसेजाग,कुछइज़ालाकर
मय-कदेमें,येरंजिशेंकैसी
दुश्मनोंकोभी,'हम-पियालाकर
जीतकाजश्नतोमनालेकिन
हारभी,मुस्कुराकेटालाकर
करन,ख़ूँरुलाएँगी,तुझको
हसरतें,दिलमें,मारडालाकर
  - KARAN
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