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Meem Alif Shaz
us tarah ham ne sach hi bola hai
us tarah ham ne sach hi bola hai | उस तरह हम ने सच ही बोला है
- Meem Alif Shaz
उस
तरह
हम
ने
सच
ही
बोला
है
जिस
तरह
तुम
ने
झूठ
बोला
था
- Meem Alif Shaz
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झूट
वाले
कहीं
से
कहीं
बढ़
गए
और
मैं
था
कि
सच
बोलता
रह
गया
Waseem Barelvi
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मुझ
को
ख़्वाहिश
है
उसी
शान
की
दिवाली
की
लक्ष्मी
देश
में
उल्फ़त
की
शब-ओ-रोज़
रहे
देश
को
प्यार
से
मेहनत
से
सँवारें
मिल
कर
अहल-ए-भारत
के
दिलों
में
ये
'कँवल'
सोज़
रहे
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Kanval Dibaivi
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ख़ुशरंग
नज़र
आता
है
जाज़िब
नहीं
लगता
माहौल
मेरे
दिल
से
मुख़ातिब
नहीं
लगता
मैं
भी
नहीं
हर
शे'र
में
मौजूद
ये
सच
है
ग़ालिब
भी
हर
इक
शे'र
में
ग़ालिब
नहीं
लगता
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Obaid Azam Azmi
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पूछती
है
सच
बताएँ,
गर
किसी
से
इश्क़
है
सच
तो
यह
है,
हाँ
मुझे
अब
हर
किसी
से
इश्क़
है
फिर
रहा
है
बेटी
के
रिश्ते
के
ख़ातिर
क्यूँ
वो
बाप
पूछ
लेता
काश,
ऐ
दुख़्तर,
किसी
से
इश्क़
है
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Adnan Ali SHAGAF
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तुम
मुझे
उतनी
ही
प्यारी
हो
मेरी
जाँ
जितना
प्यारा
है
कश्मीर
इस
देश
को
Alankrat Srivastava
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रातें
किसी
याद
में
कटती
हैं
और
दिन
दफ़्तर
खा
जाता
है
दिल
जीने
पर
माएल
होता
है
तो
मौत
का
डर
खा
जाता
है
सच
पूछो
तो
'तहज़ीब
हाफ़ी'
मैं
ऐसे
दोस्त
से
आज़िज़
हूँ
मिलता
है
तो
बात
नहीं
करता
और
फोन
पे
सर
खा
जाता
है
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Tehzeeb Hafi
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ज़माने
ने
ग़लत
को
सच
कहा
है
ज़माने
की
ख़राबी
है
हमीं
से
Meem Alif Shaz
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सच
कहें
तो
वो
कहानी
बीच
में
दम
तोड़
देगी
जिस
कहानी
को
सभी
किरदार
छोड़े
जा
रहे
हैं
Anurag Pandey
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सच
की
डगर
पे
जब
भी
रक्खे
क़दम
किसी
ने
पहले
तो
देखी
ग़ुर्बत
फिर
तख़्त-ओ-ताज
देखा
Amaan Pathan
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नहीं
थकते
मुझे
इल्ज़ाम
देते
भला
कब
तक
ये
बेरहमी
करोगे
अगर
सच
बोलने
मैं
लग
गया
तो
ग़लत
फ़हमी
ग़लत
फ़हमी
करोगे
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Gopesh "Tanha"
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तू
अगर
मिल
जाए
मैं
जुगनू
हो
जाऊँ
फिर
पूरी
रात
तेरी
ज़ुल्फ़ों
में
बैठूँ
Meem Alif Shaz
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त'
आरुफ़
मुक़्तसर
सा
है
मिरा
भी
हवा
को
जो
हराए
वो
दिया
हूँ
Meem Alif Shaz
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नाम
से
मेरे
मुझ
को
बुलाने
लगे
जो
दवा
की
थी
उस
को
जताने
लगे
वक़्त
ऐसा
भी
आया
कि
जो
दोस्त
थे
मुफ़लिसी
में
वो
नज़रें
चुराने
लगे
वो
हमारी
बला
से
जिए
या
मरे
उसकी
चालाकी
बस
अब
ठिकाने
लगे
वो
तो
दुश्मन
थे
उनको
बुरा
क्या
कहें
आप
भी
हम
को
चूना
लगाने
लगे
छोड़
के
चल
दिए
वो
अचानक
हमें
जिस
मोहब्बत
में
हम
को
ज़माने
लगे
पंछियों
के
लिए
कुछ
किया
ही
नहीं
ठंड
आई
तो
लकड़ी
जलाने
लगे
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Meem Alif Shaz
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जो
परिंदों
को
नहीं
देती
है
दाना
पानी
भी
क्या
बताऊँ
उसको
अपनी
दिल-लगी
के
बारे
में
Meem Alif Shaz
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ऐसी
बातें
कीजिए
जिन
से
ख़ुशी
हो
सब
के
दिल
तो
ग़मज़दा
हैं
हादसों
से
Meem Alif Shaz
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