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Meem Alif Shaz
tu mujhe mil ya mujh se juda ho abhii
tu mujhe mil ya mujh se juda ho abhii | तू मुझे मिल या मुझ से जुदा हो अभी
- Meem Alif Shaz
तू
मुझे
मिल
या
मुझ
से
जुदा
हो
अभी
हम
को
अच्छा
नहीं
लगता
यूँँ
देखना
- Meem Alif Shaz
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मेरी
नींदें
उड़ा
रक्खी
है
तुम
ने
ये
कैसे
ख़्वाब
दिखलाती
हो
जानाँ
किसी
दिन
देखना
मर
जाऊँगा
मैं
मेरी
क़स
में
बहुत
खाती
हो
जानाँ
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Subhan Asad
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खिला
कर
भंग
की
गुजिया
समा
रंगीन
कर
दो
तुम
बड़ी
मुश्क़िल
से
तो
हो
पाया
है
दीदार
होली
में
Vijay Anand Mahir
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सरफ़रोशी
की
तमन्ना
अब
हमारे
दिल
में
है
देखना
है
ज़ोर
कितना
बाज़ू-ए-क़ातिल
में
है
Bismil Azimabadi
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आँखों
को
मूँद
लेने
से
ख़तरा
न
जाएगा
वो
देखना
पड़ेगा
जो
देखा
न
जाएगा
Waseem Barelvi
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कुछ
नज़र
आता
नहीं
उस
के
तसव्वुर
के
सिवा
हसरत-ए-दीदार
ने
आँखों
को
अंधा
कर
दिया
Haidar Ali Aatish
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हम
कुछ
ऐसे
तेरे
दीदार
में
खो
जाते
हैं
जैसे
बच्चे
भरे
बाज़ार
में
खो
जाते
हैं
Waseem Barelvi
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आज
फिर
दिल
में
तिरे
दीद
की
हसरत
जागी
काश
फिर
काम
कोई
तुझ
से
ज़रूरी
निकले
Nilofar Noor
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हुआ
करती
थी
मेरी
ईद
जिसके
दीद
से
साहिल
उतर
आया
है
देखो
चाँद
वो
ग़ैरों
के
आँगन
में
A R Sahil "Aleeg"
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तू
है
इक़
सुर्ख़
लाल
जोड़े
में
और
क़फ़न
में
पड़े
हुए
हैं
हम
बस
तेरी
एक
दीद
के
ख़ातिर
देख
कब
से
खड़े
हुए
है
हम
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Shadab Asghar
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बग़ैर
चश्में
के
जो
देख
भी
न
पाता
है
वो
बेवक़ूफ़
मुझे
देखना
सिखाता
है
अगर
ये
वक़्त
डुबोएगा
मेरी
नाव
को
तो
इस
सेे
कह
दो
मुझे
तैरना
भी
आता
है
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Vikram Gaur Vairagi
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पी
लो
जितनी
भी
पीनी
है
उनकी
आँखों
से
छलकी
है
Meem Alif Shaz
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इक
काग़ज़
की
कश्ती
हूँ
लेकिन
मैं
पानी
पे
चलती
हूँ,
हिम्मत
देखो
Meem Alif Shaz
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इस
मोहब्बत
ने
पागल
बना
रक्खा
है
आँखों
को
ख़्वाबों
में
ही
लगा
रक्खा
है
वो
अगर
साँवली
भी
है
तो
क्या
हुआ
हम
ने
लफ़्ज़ों
से
उस
को
सजा
रक्खा
है
ज़ुल्म
की
इंतिहा
कर
दी
उस
ने
मगर
कुछ
कमीनों
ने
सर
पर
उठा
रक्खा
है
हम
गरीबों
के
भी
एक
दो
ख़्वाब
हैं
अपने
ख़्वाबों
ने
हम
को
बचा
रक्खा
है
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Meem Alif Shaz
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तेरी
हुश्यारी
का
जवाब
नहीं
इस
का
लेकिन
कोई
सवाब
नहीं
Meem Alif Shaz
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मिलने
बस
इक
बार
आते
हो
बहुत
ख़ूब
फूल
भी
काग़ज़
के
लाते
हो
बहुत
ख़ूब
वा'दा
करते
हो
कि
बाइक
पर
चलेंगे
पर
मुझे
पैदल
ले
जाते
हो
बहुत
ख़ूब
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Meem Alif Shaz
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