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Meem Alif Shaz
jab hasad faila hai to rahmat nahin
jab hasad faila hai to rahmat nahin | जब हसद फैला है तो रहमत नहीं
- Meem Alif Shaz
जब
हसद
फैला
है
तो
रहमत
नहीं
घर
के
अंदर
आज
वो
जन्नत
नहीं
इस
क़दर
बीमार
हम
भी
हो
गए
रात
में
सोने
की
भी
फ़ुर्सत
नहीं
- Meem Alif Shaz
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है
दु'आ
जल्दी
जन्नत
अता
हो
तुझे
तू
मेरे
इश्क़
का
इश्क़
है
ऐ
रक़ीब
Prit
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अगर
जन्नत
मिला
करती
फ़क़त
सज्दों
के
बदले
में
तो
फिर
इबलीस
मुर्शिद
सब
सेे
पहले
जन्नती
होता
Shajar Abbas
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अभी
तो
शाम
की
दस्तक
हुई
है
अभी
से
लग
गया
बिस्तर
हमारा
यही
तन्हाई
है
जन्नत
हमारी
इसी
जन्नत
में
है
अब
घर
हमारा
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Vikas Sharma Raaz
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दानिशमंदों
रस्ता
बतला
सकते
हो
दीवाना
हूँ
वीराने
तक
जाना
है
जन्नत
वाले
थोड़ा
पहले
उतरेंगे
रिन्दों
को
तो
मयख़ाने
तक
जाना
है
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Vishal Bagh
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काश
जन्नत
हमें
मिले
ऐसी
हर
तरफ़
आशिक़ाना
मौसम
हो
Amaan Pathan
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छोड़कर
तन्हा
मुझे
जन्नत
में
रहने
लग
गए
हो
और
मैंने
ज़िन्दगीं
कर
ली
जहन्नम
शा'इरी
में
"Nadeem khan' Kaavish"
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देख
कर
हर
कोई
बेकार
समझ
ले
मुझ
को
अपनी
उल्फ़त
में
गिरफ़्तार
समझ
ले
मुझ
को
बिना
उसके
तिरी
जन्नत
मुझे
मंज़ूर
नहीं
तू
मिरी
मान
गुनहगार
समझ
ले
मुझ
को
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Faiz Ahmad
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घर
से
निकले
हुए
बेटों
का
मुक़द्दर
मालूम
माँ
के
क़दमों
में
भी
जन्नत
नहीं
मिलने
वाली
Iftikhar Arif
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शब
को
मय
ख़ूब
सी
पी
सुब्ह
को
तौबा
कर
ली
रिंद
के
रिंद
रहे
हाथ
से
जन्नत
न
गई
Jaleel Manikpuri
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तुम्हारे
पाँव
क़सम
से
बहुत
ही
प्यारे
हैं
ख़ुदा
करे
मेरे
बच्चों
की
इन
में
जन्नत
हो
Rafi Raza
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तुम
लफ़्ज़ों
से
ख़ुद
को
सँवारो
ऐ
लोगों
ये
तो
वो
ज़ीनत
है
जो
कम
होती
नहीं
Meem Alif Shaz
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उस
के
घर
में
भी
बच्चे
खेलें
उस
ने
यह
सोचा
था
लेकिन
कम
रोज़ी
की
वजह
से
उस
ने
ख़ुद
को
रोका
था
Meem Alif Shaz
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ख़बर
है
मुझ
को
इक
फ़नकार
मुझ
में
है
मगर
हालात
की
बौछार
मुझ
में
है
बुराई
मुझ
को
भी
बेज़ार
कर
देती
मगर
ईमान
की
तलवार
मुझ
में
है
दु'आ
से
बारिशें
तो
हो
नहीं
सकती
गुनाहों
का
भी
जब
भंडार
मुझ
में
है
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Meem Alif Shaz
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छुपाओगे
ये
आँसू
तो
यही
होगा
अधूरी
बात
निकलेगी
ज़ुबाँ
से
Meem Alif Shaz
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कच्चा
घर
है,
बिच्छू
का
भी
डर
है
मेरे
बच्चे
कैसे
ख़्वाब
बुनेंगे
Meem Alif Shaz
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