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Meem Alif Shaz
ik tihaai zindagi dukaan men guzar gaii
ik tihaai zindagi dukaan men guzar gaii | इक तिहाई ज़िंदगी दुकान में गुज़र गई
- Meem Alif Shaz
इक
तिहाई
ज़िंदगी
दुकान
में
गुज़र
गई
जो
बची
थी
मौत
के
ही
ध्यान
में
गुज़र
गई
ख़्वाब
तो
हमारे
भी
थे
आसमाँ
को
छूने
के
पर
जवानी
कितने
इम्तिहान
में
गुज़र
गई
- Meem Alif Shaz
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नाम
पे
हम
क़ुर्बान
थे
उस
के
लेकिन
फिर
ये
तौर
हुआ
उस
को
देख
के
रुक
जाना
भी
सब
से
बड़ी
क़ुर्बानी
थी
मुझ
से
बिछड़
कर
भी
वो
लड़की
कितनी
ख़ुश
ख़ुश
रहती
है
उस
लड़की
ने
मुझ
से
बिछड़
कर
मर
जाने
की
ठानी
थी
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Jaun Elia
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कभी
ज़रा
पास
आके
बैठो
नई
जवानी
चहक
रही
है
नई
उमंग
इक
नई
तरंग
इक
नये
चमन
में
महक
रही
है
Amaan Pathan
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रात
भी
नींद
भी
कहानी
भी
हाए
क्या
चीज़
है
जवानी
भी
Firaq Gorakhpuri
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इश्क़
में
तेरे
गँवा
दी
ये
जवानी
जानेमन
हो
गई
दिलचस्प
अपनी
भी
कहानी
जानेमन
Tanoj Dadhich
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जवान
हो
गई
इक
नस्ल
सुनते
सुनते
ग़ज़ल
हम
और
हो
गए
बूढ़े
ग़ज़ल
सुनाते
हुए
Azhar Inayati
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लोग
हर
मोड़
पे
रुक
रुक
के
सँभलते
क्यूँँ
हैं
इतना
डरते
हैं
तो
फिर
घर
से
निकलते
क्यूँँ
हैं
मोड़
होता
है
जवानी
का
सँभलने
के
लिए
और
सब
लोग
यहीं
आ
के
फिसलते
क्यूँँ
हैं
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Rahat Indori
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गुदाज़-ए-इश्क़
नहीं
कम
जो
मैं
जवाँ
न
रहा
वही
है
आग
मगर
आग
में
धुआँ
न
रहा
Jigar Moradabadi
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अदब
ता'लीम
का
जौहर
है
ज़ेवर
है
जवानी
का
वही
शागिर्द
हैं
जो
ख़िदमत-ए-उस्ताद
करते
हैं
Chakbast Brij Narayan
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सैर
कर
दुनिया
की
ग़ाफ़िल
ज़िंदगानी
फिर
कहाँ
ज़िंदगी
गर
कुछ
रही
तो
ये
जवानी
फिर
कहाँ
Khwaja Meer Dard
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याद
आओ
मुझे
लिल्लाह
न
तुम
याद
करो
मेरी
और
अपनी
जवानी
को
न
बर्बाद
करो
Akhtar Shirani
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हमारी
ज़ख़्मों
से
यारी
पुरानी
है
कि
जब
चाहें
चले
आते
हैं
वो
मिलने
Meem Alif Shaz
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ख़ुदगर्ज़ी
नें
सिखाया
है
तन्हाई
में
रहना
सब
रिश्तों
को
भुला
के
फिर
ख़ामोशी
में
रहना
Meem Alif Shaz
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नाम
से
मेरे
मुझ
को
बुलाने
लगे
जो
दवा
की
थी
उस
को
जताने
लगे
वक़्त
ऐसा
भी
आया
कि
जो
दोस्त
थे
मुफ़लिसी
में
वो
नज़रें
चुराने
लगे
वो
हमारी
बला
से
जिए
या
मरे
उसकी
चालाकी
बस
अब
ठिकाने
लगे
वो
तो
दुश्मन
थे
उनको
बुरा
क्या
कहें
आप
भी
हम
को
चूना
लगाने
लगे
छोड़
के
चल
दिए
वो
अचानक
हमें
जिस
मोहब्बत
में
हम
को
ज़माने
लगे
पंछियों
के
लिए
कुछ
किया
ही
नहीं
ठंड
आई
तो
लकड़ी
जलाने
लगे
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Meem Alif Shaz
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सभी
अपनी
आदत
से
हारे
हुए
हैं
तभी
तो
मोहब्बत
के
मारे
हुए
हैं
अकड़ने
की
बिल्कुल
ज़रूरत
नहीं
है
सभी
आसमाँ
से
उतारे
हुए
हैं
जो
हम
से
कभी
बात
करते
नहीं
थे
बड़ी
कोशिशों
से
हमारे
हुए
हैं
जिन्होंने
किए
थे
बहुत
वादे
हम
से
मुसीबत
में
वो
सब
किनारे
हुए
हैं
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Meem Alif Shaz
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तू
मिरे
इश्क़
की
इब्तिदा
देख
तो
है
भरोसा
अगर
हौसला
देख
तो
Meem Alif Shaz
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