इकदवाअच्छीबतादेनाज़रातुम
ज़ख़्मपेमरहमलगादेनाज़रातुम
चाँदनिकलाहै,मिरादिलख़ुशबहुतहै
यहख़ुशीउसकोसुनादेनाज़रातुम
रातआजाएमगरमैंघरनलौटूँ
तबचराग़ोंकोजलादेनाज़रातुम
मैंअगरख़ुदकोभुलादूँहाँभुलादूँ
नींदसेमुझकोजगादेनाज़रातुम
कब्रपेफूलोंकीमालाकुछनदेगी
आफ़ियतकीहीदु'आदेनाज़रातुम
इनघरोंमेंआगलगतीहीरहेगी
आगहिम्मतसेबुझादेनाज़रातुम