hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
ham ko chaand ke nazare bhi hue to kyuuñ hue
ham ko chaand ke nazare bhi hue to kyuuñ hue | हम को चाँद के नज़ारे भी हुए तो क्यूँ हुए
- Meem Alif Shaz
हम
को
चाँद
के
नज़ारे
भी
हुए
तो
क्यूँ
हुए
देखते
ही
वो
किनारे
भी
हुए
तो
क्यूँ
हुए
जब
उन्हें
किसी
के
वास्ते
लगानी
थी
हिना
इश्क़
कर
के
वो
हमारे
भी
हुए
तो
क्यूँ
हुए
- Meem Alif Shaz
Download Sher Image
कहाँ
हम
ग़ज़ल
का
हुनर
जानते
हैं
मगर
इस
ज़बाँ
का
असर
जानते
हैं
ये
वो
हुस्न
जिसको
निखारा
गया
है
नया
कुछ
नहीं
हम
ख़बर
जानते
हैं
कि
है
जो
क़फ़स
में
वो
पंछी
रिहा
हो
परिंदें
ज़मीं
के
शजर
जानते
हैं
फ़क़त
रूह
के
नाम
है
इश्क़
लेकिन
बदन
के
हवाले
से
घर
जानते
हैं
फ़ुलाँ
है
फ़ुलाँ
का
यक़ीं
हैं
हमें
भी
सुनो
हम
उसे
सर-ब-सर
जानते
हैं
कि
अब
यूँँ
सिखाओ
न
रस्म-ए-सियासत
झुकाना
कहाँ
है
ये
सर
जानते
हैं
Read Full
Neeraj Neer
Download Image
16 Likes
यूँँ
कहें
नुमाइशों
के
दिन
क़रीब
आ
गए
महज़
फ़रवरी
हो
किस
तरह
महीना
इश्क़
का
Neeraj Neer
Send
Download Image
31 Likes
देखो
तुम
ने
इश्क़
किया
है
शायर
से
शे'र
कहेगा
ज़ेवर
थोड़ी
ला
देगा
Kumar Kaushal
Send
Download Image
49 Likes
सर्दी
और
गर्मी
के
उज़्र
नहीं
चलते
मौसम
देख
के
साहब
इश्क़
नहीं
होता
Moin Shadab
Send
Download Image
35 Likes
क्या
कहूँ
तुम
से
मैं
कि
क्या
है
इश्क़
जान
का
रोग
है
बला
है
इश्क़
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
77 Likes
बख़्शी
हैं
हम
को
इश्क़
ने
वो
जुरअतें
'मजाज़'
डरते
नहीं
सियासत-ए-अहल-ए-जहाँ
से
हम
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
32 Likes
इश्क़
में
जी
को
सब्र
ओ
ताब
कहाँ
उस
से
आँखें
लड़ीं
तो
ख़्वाब
कहाँ
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
34 Likes
आज
फिर
इज़हार
करते
हैं
सनम
आपसे
ही
प्यार
करते
हैं
सनम
आपको
क्या
इश्क़
से
परहेज़
है
आप
क्यूँ
इनकार
करते
हैं
सनम
Read Full
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
39 Likes
वा'दा
करो
कि
हाथ
छुड़ाकर
न
जाओगे
वा'दा
करो
कि
सात
जनम
तक
रहेगा
इश्क़
Mukesh Jha
Send
Download Image
43 Likes
क्या
ग़लत-फ़हमी
में
रह
जाने
का
सदमा
कुछ
नहीं
वो
मुझे
समझा
तो
सकता
था
कि
ऐसा
कुछ
नहीं
इश्क़
से
बच
कर
भी
बंदा
कुछ
नहीं
होता
मगर
ये
भी
सच
है
इश्क़
में
बंदे
का
बचता
कुछ
नहीं
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
301 Likes
Read More
तू
तो
अपनी
शातिर
आँखों
का
मुजरिम
है
प्यारे
फिर
बिन्त-ए-हव्वा
पर
क्यूँ
इल्ज़ाम
लगाया
जाए
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
मैं
तेरी
यादों
के
हिसार
में
हूँ
यानी
मैं
तेरे
इंतिज़ार
में
हूँ
तुझ
को
लिखता
हूँ
तुझ
को
पढ़ता
हूँ
मैं
आज
कल
तेरे
इख़्तियार
में
हूँ
Read Full
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
ऐ
बहारों
नाज़
इतना
अहद-ए-गुल
पर
मत
करो
कल
यहीं
पर
सहरा
होगा
कल
यहीं
वीरानियाँ
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
मिरा
दिल
तो
मुसाफ़िर
हो
गया
यारों
मुसलसल
एक
ही
घर
में
नहीं
रहता
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
पैसे
वाले
भी
तो
बेज़ार
नज़र
आते
हैं
अब
तो
चेहरों
से
भी
बीमार
नज़र
आते
हैं
दुश्मनों
ने
मुझे
दावत
पे
बुलाया
है
आज
वो
भी
अब
मेरे
ख़रीदार
नज़र
आते
हैं
Read Full
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Shaayar Shayari
Politics Shayari
Shahr Shayari
Insaan Shayari
Fantasy Shayari