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Meem Alif Shaz
cigarette to mujh se kabhi chhooti nahin
cigarette to mujh se kabhi chhooti nahin | सिगरेट तो मुझ से कभी छूटी नहीं
- Meem Alif Shaz
सिगरेट
तो
मुझ
से
कभी
छूटी
नहीं
तो
फिर
मैं
कैसे
छोड़
सकता
हूँ
तुम्हें
- Meem Alif Shaz
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ये
हवा
सारे
चराग़ों
को
उड़ा
ले
जाएगी
रात
ढलने
तक
यहाँ
सब
कुछ
धुआँ
हो
जाएगा
Naseer Turabi
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धुआँ
जो
कुछ
घरों
से
उठ
रहा
है
न
पूरे
शहर
पर
छाए
तो
कहना
Javed Akhtar
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बला
की
ख़ूब-सूरत
वो
उसे
ही
देख
जीता
हूँ
मुझे
उसकी
ज़रूरत
है,
न
मैं
उसका
चहीता
हूँ
कभी
उसको
परेशानी
मिरे
सिगरेट
से
होती
थी
उसे
बोलो
अभी
कोई
कि
मैं
दारू
भी
पीता
हूँ
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Deepankar
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उस
से
कहना
की
धुआँ
देखने
लाएक़
होगा
आग
पहने
हुए
मैं
जाऊँगा
पानी
की
तरफ़
Abhishek shukla
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सिगरटें
चाय
धुआँ
रात
गए
तक
बहसें
और
कोई
फूल
सा
आँचल
कहीं
नम
होता
है
Wali Aasi
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कम
से
कम
मैंने
छुपा
ली
देख
कर
सिगरेट
तुम्हें
और
इस
लड़के
से
तुमको
कितनी
इज़्ज़त
चाहिए
Nadeem Shaad
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लड़
सको
दुनिया
से
जज़्बों
में
वो
शिद्दत
चाहिए
इश्क़
करने
के
लिए
इतनी
तो
हिम्मत
चाहिए
कम
से
कम
मैंने
छुपा
ली
देख
कर
सिगरेट
तुम्हें
और
इस
लड़के
से
तुमको
कितनी
इज़्ज़त
चाहिए
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Nadeem Shaad
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नहीं
था
ध्यान
कोई
तोड़ते
हुए
सिगरेट
मैं
तुझ
को
भूल
गया
छोड़ते
हुए
सिगरेट
Afzal Khan
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सुकून
देती
थी
तब
मुझको
वस्ल
की
सिगरेट
अब
उसके
हिज्र
के
फ़िल्टर
से
होंठ
जलते
हैं
Upendra Bajpai
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बोलिए
फिर
क्या
लगाऊँ
होंठ
से
मैं
लीजिए
सिगरेट
पीना
बंद
कल
से
Neeraj Neer
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इतना
क्यूँ
मेहरबान
हो
रहे
हो
कोई
ग़म
फिर
से
देने
वाले
हो
क्या
Meem Alif Shaz
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मौत
का
जब
हम
को
ख़याल
आया
क़ब्र
में
जीने
का
सवाल
आया
Meem Alif Shaz
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अपनी
ख़ुशी
से
कोई
शिकवा
ही
नहीं
यह
कैसे
आए
जब
यहाँ
ग़म
रहता
है
Meem Alif Shaz
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रात
अपनी
तन्हाई
को
देखा
था
मेरे
कपड़ों
में
अकेली
बैठी
थी
Meem Alif Shaz
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चलते
चलते
थक
गए
हैं
हम
ठहर
जाएँ
अभी
कब
तलक
चलते
रहें
हम
अपने
घर
जाएँ
अभी
जिस्म
के
पत्ते
बिखरते
जा
रहें
हैं
तेज़ी
से
बस
यही
बेहतर
है
ऊपर
से
उतर
जाएँ
अभी
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Meem Alif Shaz
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