hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
doosron kii pagadiyon ko mat uchaal soch le
doosron kii pagadiyon ko mat uchaal soch le | दूसरों की पगड़ियों को मत उछाल सोच ले
- Meem Alif Shaz
दूसरों
की
पगड़ियों
को
मत
उछाल
सोच
ले
बाद
में
तुझे
भी
होना
है
मलाल
सोच
ले
तोड़
दे
ये
बेड़ियाँ
तू
कर
हवा
का
सामना
तेरी
यह
उड़ान
होगी
इक
मिसाल
सोच
ले
यह
दुकान
यह
मकान
यह
बदन
भी
मेरा
है
मार
देगा
तुझ
को
भी
यही
ख़्याल
सोच
ले
इस
ज़बाँ
से
तू
निकाल
ख़ुशबू
बस
गुलाब
की
तू
तभी
बनेगा
हज़रते
बिलाल
सोच
ले
- Meem Alif Shaz
Download Ghazal Image
मेरे
बग़ीचे
में
मोहब्बत
का
शजर
कैसा
लगा
बेघर
परिंदों
के
लिए
फूलों
का
घर
कैसा
लगा
यह
मौत
तो
देती
नहीं
मौका
सँभलने
का
कभी
जो
डूबा
वो
कैसे
बताए
यह
भँवर
कैसा
लगा
हर
नज़्म
का
उनवान
तेरे
नाम
पर
ही
रख
दिया
तुम
को
हमारे
इश्क़
करने
का
हुनर
कैसा
लगा
Read Full
Meem Alif Shaz
Download Image
1 Like
बद-मिज़ाजी
देती
तो
है
हम
को
ज़ाइक़ा
मगर
हम
को
अपने
लोग
धीरे
धीरे
छोड़
देते
हैं
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
वो
जो
नाराज़
था
मेरे
सच
से
बेहद
कमज़र्फ़
था
हक़ीक़त
में
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
1 Like
मैं
जब
भी
अपने
घर
की
दीवारों
से
मिलता
हूँ
वो
मुझ
को
मेरी
तन्हाई
वापस
कर
देती
हैं
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
तेरे
ग़म
का
हिसाब
कैसे
दूँ
अपने
ग़म
में
उलझ
रहा
हूँ
मैं
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Dariya Shayari
Motivational Shayari in Hindi
Romantic Shayari
Khyaal Shayari
Deedar Shayari