हरघडीख़ामोशहै,हरएकपलख़ामोशहै
ज़िन्दगीकीदास्ताँसुनकरअजलख़ामोशहै
सोचतेथेहमलिखेंगेइकचहकतीसीग़ज़ल
दर्दइतनाभरगया,सारीग़ज़लख़ामोशहै
पांडवोंकीएकग़लतीकीवजहसेआजयूँँ
द्रोपदीकोदेखकरसारामहलख़ामोशहै
कलकिसीनेकहदियाथाआएगातूफ़ानकल
बातसुनकर,रातसेसारीफ़सलख़ामोशहै
एकवोदिनथाकिइस
मेंतैरतीथींमछलियाँ
आजकेवलरेतहै,नदियोंमेंजलख़ामोशहै
पकगयातोटूटकरगिरनापड़ेगाडालसे
बसयहीसबसोचकरडालीपेफलख़ामोशहै