zamaana chubh raha tha aur jeena zahar lagta tha | ज़माना चुभ रहा था और जीना ज़हर लगता था

  - Janib Vishal
ज़मानाचुभरहाथाऔरजीनाज़हरलगताथा
बहुतपीनेलगाहैजिसकोपीनाज़हरलगताथा
बदनसेख़ूनभीअबजोनिकलजाएगॅंवाराहै
वहीलड़काहैयेजिसकोपसीनाज़हरलगताथा
किसीकेहाथमेंटेडीकिसीकेफूलहोतेथे
इधरमुझकोमुहब्बतकामहीनाज़हरलगताथा
कभीदिलमेंनहींउतरामुसाफ़िरजिस्मभरदेखा
समुंदरकोइसीकारणसफ़ीनाज़हरलगताथा
लुटाडालीथीमैंनेज़िंदगीजिसशख़्सकेख़ातिर
उसेहररास्तेचलताकमीनाज़हरलगताथा
चिलमसेतोकभीमयसेमिटाडालामुजर्रदको
मिलाथावोगलेमेरेसोसीनाज़हरलगताथा
जलायाऔर'जानिब'कोसुपुर्द-ए-ख़ाककरडाला
ज़मानेकोचमकताइकनगीनाज़हरलगताथा
  - Janib Vishal
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy