भरोसा ज़िंदगी का क्या न जाने कब बदल जाए

  - Janib Vishal
भरोसाज़िंदगीकाक्याजानेकबबदलजाए
पराएआदमीकाक्याजानेकबबदलजाए
उतरतेवक़्तपानीमेंकिनारेपासहीरखना
किसीबहतीनदीकाक्याजानेकबबदलजाए
छुपाकररखरखाहैदुखकिकलकोकामआएगा
घड़ीभरकीख़ुशीकाक्याजानेकबबदलजाए
मईकीधूपमेंभीहमनिकलतेहैंलिएछाता
हवाकीबे-रुख़ीकाक्याजानेकबबदलजाए
बरसतीहैंअगरयेआजतोखुलकरबरसनेदो
इनआँखोंकीनमीकाक्याजानेकबबदलजाए
जानेकबहवाबनकरचलीआएसदादरपर
क़ज़ाकीख़ामुशीकाक्याजानेकबबदलजाए
किसीदिनफिरमुहब्बतरासआएगीतुम्हें'जानिब'
किइसबे-दिल-लगीकाक्याजानेकबबदलजाए
  - Janib Vishal
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