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Jagveer Singh
keval havas aur bas havas ho tu na ho
keval havas aur bas havas ho tu na ho | केवल हवस और बस हवस हो तू न हो
- Jagveer Singh
केवल
हवस
और
बस
हवस
हो
तू
न
हो
तू
वासना
में
इतना
बेक़ाबू
न
हो
मुझको
तुझे
ऐसी
जगह
है
चूमना
जिस
सेे
तेरा
फिर
ख़ुद
पे
भी
क़ाबू
न
हो
- Jagveer Singh
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बुरी
सरिश्त
न
बदली
जगह
बदलने
से
चमन
में
आ
के
भी
काँटा
गुलाब
हो
न
सका
Arzoo Lakhnavi
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बहुत
सी
हैं
जगह
रहने
कि
यूँँ
तो
मगर
औक़ात
का
अपना
मज़ा
है
Talib Toofani
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सुब्ह-ओ-शाम
अब
हमको
बस
उदास
रहना
है
ग़मज़दों
की
मंज़िल
का
रास्ता
उदासी
है
Rohit tewatia 'Ishq'
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मंज़िल
मिली
तो
उसकी
कमी
हमको
खा
गई
सामान
रास्ते
में
जो
खोना
पड़ा
हमें
Abbas Qamar
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मंज़िल
पे
न
पहुँचे
उसे
रस्ता
नहीं
कहते
दो
चार
क़दम
चलने
को
चलना
नहीं
कहते
इक
हम
हैं
कि
ग़ैरों
को
भी
कह
देते
हैं
अपना
इक
तुम
हो
कि
अपनों
को
भी
अपना
नहीं
कहते
कम-हिम्मती
ख़तरा
है
समुंदर
के
सफ़र
में
तूफ़ान
को
हम
दोस्तो
ख़तरा
नहीं
कहते
बन
जाए
अगर
बात
तो
सब
कहते
हैं
क्या
क्या
और
बात
बिगड़
जाए
तो
क्या
क्या
नहीं
कहते
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Nawaz Deobandi
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गिला
भी
तुझ
से
बहुत
है
मगर
मोहब्बत
भी
वो
बात
अपनी
जगह
है
ये
बात
अपनी
जगह
Basir Sultan Kazmi
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हद
से
ज़्यादा
भी
प्यार
मत
करना
जी
हर
इक
पे
निसार
मत
करना
क्या
ख़बर
किस
जगह
पे
रुक
जाए
साँस
का
एतिबार
मत
करना
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Qamar Ejaz
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तेग़-बाज़ी
का
शौक़
अपनी
जगह
आप
तो
क़त्ल-ए-आम
कर
रहे
हैं
Jaun Elia
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सब
कर
लेना
लम्हे
ज़ाया'
मत
करना
ग़लत
जगह
पर
जज़्बे
ज़ाया'
मत
करना
Ali Zaryoun
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मैं
अकेला
ही
चला
था
जानिब-ए-मंज़िल
मगर
लोग
साथ
आते
गए
और
कारवाँ
बनता
गया
Majrooh Sultanpuri
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ता'रीफ़
किसे
तो
किसे
तनक़ीद
मुबारक
सबको
सभी
की
आख़िरी
उम्मीद
मुबारक
देरी
से
सही
जान
निकल
तो
गया
है
चाँद
ऐ
चाँद
के
टुकड़े
तुझे
ये
ईद
मुबारक
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Jagveer Singh
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राम
को
बस
इक
दिन
ही
आना
है
शबरी
सालों
फूल
बिछाने
हैं
मीरा
मोहन
की
दीवानी
है
और
हम
मीरा
के
दीवाने
हैं
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Jagveer Singh
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बज़्म
में
हम
तेरी
कुछ
यूँँ
आए
हैं
दश्त
से
जूँ
लौट
मजनूँ
आए
हैं
रब्त
था
मंसूब
बस
यारी
तलक
आप
फिर
दिल
तक
मेरे
क्यूँँ
आए
हैं
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Jagveer Singh
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दिल
जो
तोड़ा
तुमने
इस
में
क्या
नया
है
कब
हवा
को
जलते
दीए
अच्छे
लगते
इन
दुखी
अश'आर
का
वो
ही
सबब
है
जिसने
बोला
आप
हँसते
अच्छे
लगते
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Jagveer Singh
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डूबा
मैं
जब
समुंदर
में
जाकर
इक
समुंदर
में
डूबा
समुंदर
झेली
ख़ुद
मैं
ने
ही
अपनी
तकलीफ़
नइँ
दी
दस्तक
ख़ुदा
तेरे
दर
पर
तुझ
पे
आ
ही
गया
फिर
मिरा
दिल
बोला
था
यारों
ने
मत
यक़ीं
कर
हाथ
ख़ाली
दिखाकर
गया
था
ये
सिखाकर
गया
था
सिकंदर
खाने
में
सब
सेे
ज़्यादा
असरदार
धोखा
चकमा
दगा
और
ठोकर
पहले
खाते
हैं
छेनी
हथौड़ा
बाद
पकवान
खाते
हैं
पत्थर
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Jagveer Singh
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