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Chandan Sharma
yuñ jo zulfen sanwaarti ho tum
yuñ jo zulfen sanwaarti ho tum | यूँँ जो ज़ुल्फ़ें सँवारती हो तुम
- Chandan Sharma
यूँँ
जो
ज़ुल्फ़ें
सँवारती
हो
तुम
दिल
में
ख़ंजर
उतारती
हो
तुम
चाहिए
देखे
आइना
तुम
को
आइना
क्यूँ
निहारती
हो
तुम
होश
अपने
खो
बैठता
हूँ
मैं
प्यार
से
जब
पुकारती
हो
तुम
- Chandan Sharma
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किसी
के
इश्क़
में
बर्बाद
होना
हमें
आया
नहीं
फ़रहाद
होना
Manish Shukla
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मैं
चाहता
हूँ
मोहब्बत
मेरा
वो
हाल
करे
कि
ख़्वाब
में
भी
दोबारा
कभी
मजाल
न
हो
Jawwad Sheikh
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जँचने
लगा
है
दर्द
मुझे
आपका
दिया
बर्बाद
करने
वाले
ने
ही
आसरा
दिया
कल
पहली
बार
लड़ने
की
हिम्मत
नहीं
हुई
मुझको
किसी
के
प्यार
ने
बुजदिल
बना
दिया
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Kushal Dauneria
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मुझ
में
थोड़ी
सी
जगह
भी
नहीं
नफ़रत
के
लिए
मैं
तो
हर
वक़्त
मोहब्बत
से
भरा
रहता
हूँ
Mirza Athar Zia
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तेरे
बग़ैर
ख़ुदा
की
क़सम
सुकून
नहीं
सफ़ेद
बाल
हुए
हैं
हमारा
ख़ून
नहीं
न
हम
ही
लौंडे
लपाड़ी
न
कच्ची
उम्र
का
वो
ये
सोचा
समझा
हुआ
इश्क़
है
जुनून
नहीं
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Shamim Abbas
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नई
नस्लें
समझ
पाएँ
मुहब्बत
के
मआनी
हमें
इस
वास्ते
भी
शा'इरी
करनी
पड़ेगी
Dipendra Singh 'Raaz'
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दौलतें
मुद्दा
बनीं
या
ज़ात
आड़े
आ
गई
इश्क़
में
कोई
न
कोई
बात
आड़े
आ
गई
Baghi Vikas
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यानी
अब
उसकी
मुहब्बत
का
हलफ़
माँगूँ
मैं
यानी
अब
सुर्ख़
लबों
पे
मैं
सियाही
फेंकूँ
anupam shah
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कोई
तो
पूछे
मोहब्बत
के
इन
फ़रिश्तों
से
वफ़ा
का
शौक़
ये
बिस्तर
पे
क्यूँ
उतर
आया
Harsh saxena
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कितना
झूठा
था
अपना
सच्चा
इश्क़
हिज्र
से
दोनों
ज़िंदा
बच
निकले
Prit
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मैं
क्यूँ
कर
बढ़ाऊँ
तेरी
उलझनें
जान
मैं
क्यूँ
कर
करूँँ
तुझ
से
इज़हार-ए-उल्फ़त
Chandan Sharma
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ये
मेरी
ग़ज़लें
और
कुछ
भी
नहीं
है
रिहर्सल
है
किसी
को
भूलने
की
Chandan Sharma
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उल्फ़त
के
आड़े
में
तिजारत
अब
नहीं
मुझ
पर
तुम्हारी
ये
हुकूमत
अब
नहीं
मेरे
लिए
है
मेरी
तन्हाई
बहुत
मुझ
को
किसी
की
भी
ज़रूरत
अब
नहीं
हाँ
अब
तमन्ना
तो
नहीं
है
तेरी
पर
कैसे
को
मैं
कह
दूँ
मोहब्बत
अब
नहीं
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Chandan Sharma
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ये
मिरी
ज़िंदगी
ये
कुछ
भी
नहीं
बोझ
है
मुझ
को
ढो
रहा
हूँ
मैं
Chandan Sharma
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क्या
पढ़
सकोगे
तुम
मेरी
आँखों
को
जान
अब
लब
मेरे
बातें
नहीं
करते
कभी
Chandan Sharma
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