din alag hote raat hoti kuchh aur | दिन अलग होते रात होती कुछ और

  - Chandan Sharma
दिनअलगहोतेरातहोतीकुछऔर
वस्लमेंयेहयातहोतीकुछऔर
इश्क़मेंअबनहींहयावरना
इश्क़कीकाएनातहोतीकुछऔर
इश्क़होतानहींजाँजाती
मरतेभीतोवफ़ातहोतीकुछऔर
जानतेगरकिइश्क़जाँलेगा
इश्क़सेएहतियातहोतीकुछऔर
तूनहींहैतोज़िक्रहैतेरा
तेरेहोनेसेबातहोतीकुछऔर
गरजोपढ़तीतूभीमेरीग़ज़लें
फिरसुख़नकीबिसातहोतीकुछऔर
उसकोमैंबसपसंदथा"जाज़िब"
प्यारमेंतोसिफ़ातहोतीकुछऔर
  - Chandan Sharma
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