hazaaron khwaahishein tooti muqaddar se mila bhi kya | हज़ारों ख़्वाहिशें टूटीं मुक़द्दर से मिला भी क्या

  - Himanshu Shukla
हज़ारोंख़्वाहिशेंटूटींमुक़द्दरसेमिलाभीक्या
हथेलीजिस्मकाहिस्सालकीरोंसेगिलाभीक्या
गरीबीभीनचातीहैबिनाधुनऔरगीतोंके
उसूलोंपेजोज़िंदाहोउसूलोंकासिलाभीक्या
बहुतटूटाबहुतबिखराझुकायासरइबादतमें
लड़ाईअबख़ुदासहैख़ुदासहैहिलाभीक्या
हमारीझोपड़ीकीभीबनावटताज-महलोंसी
मुबारक़होतुम्हींकोसबजोहोकोठीक़िलाभीक्या
चमनकेफूलकीहत्याजोकीतुमनेकिताबोंमें
तुम्हींबतलाओभीजानाँवोमरकरहैखिलाभीक्या
  - Himanshu Shukla
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