ghazab chaltaa hai sabki zeest ka khaata | ग़ज़ब चलता है सबकी ज़ीस्त का खाता

  - Deepankar
ग़ज़बचलताहैसबकीज़ीस्तकाखाता
मुकम्मलकुछकेकोईकुछनहींपाता
मैंअपनीमाँकाप्याराआँखकातारा
कभीउसशख़्सकोक़तरानहींभाता
वोमेरीजानकादुश्मनहैलेकिनवो
मुझेपाताहैपरख़ंजरनहींपाता
दु'आछोड़ीनहींजिसकेलिएइकभी
उसीसेएकदिनछोड़ागयानाता
नहींदेखाकिसीनौरूपवालीको
मिरीख़ातिररहीबसएकहैंमाता
मुजाविरइश्क़अक्सर'दीप'रोरोकर
किसीइज़्ज़तकीख़ातिरहारहैजाता
  - Deepankar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy