
- Nasir Hayaat
- aur kitnii vafaa nibhaate ham
aur kitnii vafaa nibhaate ham | और कितनी वफ़ा निभाते हम
- Nasir Hayaat
औरकितनीवफ़ानिभातेहम
तुझकोकैसेयक़ींदिलातेहम
साथदेताअगरतोतेरेलिए
चाँदतारेभीतोड़लातेहम
बे-हयालोगथेपसंदउसे
उसकोकैसेपसंदआतेहम
जोमिरेसाथबैठजातावो
उसकेक़दमोंमेंबैठजातेहम
फिरमुहब्बतनहींबचापाते
अपनारिश्ताअगरबचातेहम
- Nasir Hayaat