hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Hasan Raqim
main ped kaatne se chalaata hooñ apna ghar
main ped kaatne se chalaata hooñ apna ghar | मैं पेड़ काटने से चलाता हूँ अपना घर
- Hasan Raqim
मैं
पेड़
काटने
से
चलाता
हूँ
अपना
घर
साए
से
दोस्ती
की
इजाज़त
नहीं
मुझे
- Hasan Raqim
Download Sher Image
दाग़
दुनिया
ने
दिए
ज़ख़्म
ज़माने
से
मिले
हम
को
तोहफ़े
ये
तुम्हें
दोस्त
बनाने
से
मिले
Kaif Bhopali
Send
Download Image
51 Likes
अगर
हुकूमत
तुम्हारी
तस्वीर
छाप
दे
नोट
पर
मेरी
दोस्त
तो
देखना
तुम
कि
लोग
बिल्कुल
फिजूलखर्ची
नहीं
करेंगे
हमारे
चंद
अच्छे
दोस्तों
ने
ये
वा'दा
ख़ुद
से
किया
हुआ
है
कि
शक्ल
अल्लाह
ने
अच्छी
दी
है
सो
बातें
अच्छी
नहीं
करेंगे
Read Full
Rehman Faris
Send
Download Image
58 Likes
ये
मख़मली
गद्दे
तो
तुझको
ही
मुबारक
हों
ऐ
दोस्त
मुझे
बस
माँ
की
गोद
ही
काफ़ी
है
Harsh saxena
Send
Download Image
6 Likes
क्या
कहा
दोस्त
समझना
है
तुम्हें
प्यार
नहीं
यानी
बस
देखना
है
पानी
को
पीना
नहीं
है
Neeraj Neer
Send
Download Image
10 Likes
यार
भी
राह
की
दीवार
समझते
हैं
मुझे
मैं
समझता
था
मेरे
यार
समझते
हैं
मुझे
Shahid Zaki
Send
Download Image
63 Likes
कल
रात
मैं
बहुत
ही
अलग
सा
लगा
मुझे
उसकी
नज़र
ने
यूँँ
मेरी
सूरत
खंगाली
दोस्त
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
47 Likes
रात
दिन
तेरे
साथ
कटते
थे
यार
अब
तुझ
सेे
बात
से
भी
गए
ये
मोहब्बत
भी
किन
दिनों
में
हुई
दिल
मिलाने
थे
हाथ
से
भी
गए
Read Full
Kafeel Rana
Send
Download Image
54 Likes
उसको
जो
कुछ
भी
कहूँ
अच्छा
बुरा
कुछ
न
करे
यार
मेरा
है
मगर
काम
मेरा
कुछ
न
करे
दूसरी
बार
भी
पड़
जाए
अगर
कुछ
करना
आदमी
पहली
मोहब्बत
के
सिवा
कुछ
न
करे
Read Full
Abid Malik
Send
Download Image
42 Likes
आ
कि
तुझ
बिन
इस
तरह
ऐ
दोस्त
घबराता
हूँ
मैं
जैसे
हर
शय
में
किसी
शय
की
कमी
पाता
हूँ
मैं
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
35 Likes
यार
आसान
होती
नहीं
यह
कला
मौन
रहना
बड़ी
ही
चुनौती
रही
Aniket sagar
Send
Download Image
5 Likes
Read More
ये
मत
सोचो
यार
सफ़र
बस
मंज़िल
तक
ही
सीमित
है
मैंने
उसके
आगे
भी
राहों
का
जाना
देखा
है
Hasan Raqim
Send
Download Image
6 Likes
जहाँ
की
मुश्किलों
से
लड़ने
निकल
आया
हूँ
मैं
अब
सफ़र
के
लिए
घर
से
निकल
आया
हूँ
कि
रेत
सा
कोई,
सहरा
से
निकल
आया
हो
मैं
उसकी
ज़िंदगी
से
ऐसे
निकल
आया
हूँ
वो
अपनी
मंज़िलों
को
पाके
रुक
गया
लेकिन
मैं
अपनी
मंज़िलों
से
आगे
निकल
आया
हूँ
उसी
के
साथ
लौटना
था
मगर
उसके
बिना
सो
उसकी
याद
के
लम्हे
ले
निकल
आया
हूँ
Read Full
Hasan Raqim
Download Image
3 Likes
याद
करके
तुझे
मुस्कुरा
जाता
हूँ
मुझ
सेे
मिलकर
तू
मेरी
ख़ुशी
देखता
Hasan Raqim
Send
Download Image
6 Likes
मैं
आज
तुम
सेे
आख़िरी
दफ़ा
मिला
तो
ये
लगा
बहुत
ग़लत
था
तुम
सेे
दूरियाँ
बढ़ाने
वाला
मैं
Hasan Raqim
Send
Download Image
21 Likes
तुझे
खोकर
ये
अंदाज़ा
हुआ
मैं
तेरे
साए
का
पीछा
कर
रहा
था
Hasan Raqim
Send
Download Image
4 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Political Shayari
Tevar Shayari
Tanz Shayari
Dua Shayari
Sazaa Shayari