sochta hooñ ye bhi kaisi dil | सोचता हूँ ये भी कैसी दिल-लगी अच्छी लगी

  - Hasan Raqim
सोचताहूँयेभीकैसीदिल-लगीअच्छीलगी
वोभीअच्छाऔरउसकीबेरुखीअच्छीलगी
क्यामुसीबतहैतिरेजानेपेतेराइंतज़ार
औरआनेपेतेरे,तेरीकमीअच्छीलगी
वोग़मोकेसाएमेंरहतेरहेहैंइसलिए
रौशनीहोतेभीउनकोतीरगीअच्छीलगी
कौनहैराज़ीफ़रेब-ए-गर्दिश-ए-अय्यामसे
मौतसेपहलेकिसेहीज़िंदगीअच्छीलगी
  - Hasan Raqim
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