ham maheenon tak kahii shamshaan men zinda rahe | हम महीनों तक कहीं शमशान में ज़िंदा रहे

  - Gaurav Singh
हममहीनोंतककहींशमशानमेंज़िंदारहे
हमतेरीआमदकेइकइमकानमेंज़िंदारहे
हमकहानीसेनिकालेजाचुकेक़िरदारहैं
हाँवहीक़िरदारजोउनवानमेंज़िंदारहे
हमसुख़नवालोंकीक़िस्मतमेंख़ुशीदोचारपल
दर्दवोजोउम्रभरदीवानमेंज़िंदारहे
इश्क़मेंबिछड़ेहुएयेलोगज़िंदाहैंमगर
जैसेकोईमोरनीजिंदानमेंज़िंदारहे
मुफ़्लिसीलोबानसीमहकेहैसारीउम्रभर
येफ़क़ीरोंकेउसीलोबानमेंज़िंदारहे
पूरेघरमेंधूपकासायाहैकोईधूपनइ
धूपवोजोशामतकदालानमेंज़िंदारहे
येज़मानाशहरकीगुंजानमेंतन्हामरे
मीरवोहैजोकहींवीरानमेंज़िंदारहे
  - Gaurav Singh
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