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Muhammad Fuzail Khan
jab se tumne milna-julna chhodaa hai
jab se tumne milna-julna chhodaa hai | जब से तुमने मिलना-जुलना छोड़ा है
- Muhammad Fuzail Khan
जब
से
तुमने
मिलना-जुलना
छोड़ा
है
हमने
भी
फिर
सांसें
भरना
छोड़
दिया
तुम
क्या
जानो
मेरे
दिल
पर
क्या
गुज़री
तुमने
तो
बस
बातें
करना
छोड़
दिया
- Muhammad Fuzail Khan
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कू-ब-कू
फैल
गई
बात
शनासाई
की
उस
ने
ख़ुश्बू
की
तरह
मेरी
पज़ीराई
की
Parveen Shakir
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मुझे
इक
बात
कहनी
थी
अगर
मुझ
को
इज़ाज़त
हो
तुम्हीं
मेरी
मुहब्बत
हो
मुहब्बत
हो
मुहब्बत
हो
Shadab Asghar
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हमको
तो
प्यार
चाहिए
था
तेरा
प्यार
सिर्फ़
इस
बात
से
वफ़ा
का
कोई
वास्ता
नहीं
Vikas Rajput
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प्यार
मुहब्बत
बाद
की
बातें
जान
कभी
ये
सोचा
है
किसने
तेरा
साथ
दिया
था
कौन
नशे
में
ख़त्म
हुआ
Vikram Gaur Vairagi
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रंग
की
अपनी
बात
है
वर्ना
आख़िरश
ख़ून
भी
तो
पानी
है
Jaun Elia
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वो
किसी
के
साथ
ख़ुश
था
कितने
दुख
की
बात
थी
अब
मेरे
पहलू
में
आ
कर
रो
रहा
है
ख़ुश
हूँ
मैं
Zubair Ali Tabish
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जहान
भर
में
न
हो
मुयस्सर
जो
कोई
शाना,
हमें
बताना
नहीं
मिले
गर
कोई
ठिकाना
तो
लौट
आना,
हमें
बताना
कुछ
ऐसी
बातें
जो
अनकही
हों,
मगर
वो
अंदर
से
खा
रही
हों
लगे
किसी
को
बताना
है
पर
नहीं
बताना,
हमें
बताना
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Vikram Gaur Vairagi
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होंटों
पर
इक
बार
सजा
कर
अपने
होंट
उस
के
बाद
न
बातें
करना
सो
जाना
Ateeq Allahabadi
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ख़ुश्बू
की
बरसात
नहीं
कर
पाते
हैं
हम
ख़ुद
ही
शुरुआत
नहीं
कर
पाते
हैं
जिस
लड़की
की
बातें
करते
हैं
सब
सेे
उस
लड़की
से
बात
नहीं
कर
पाते
हैं
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Gyan Prakash Akul
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तिरे
बग़ैर
भी
हम
जी
रहे
हैं
और
ख़ुश
हैं
ये
बात
कम
तो
नहीं
है
तुझे
जलाने
को
Imran Aami
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है
यही
आरज़ू-ए-नफ़स
और
क्या
एक
लम्हा
मोहब्बत
का
बस
और
क्या
दिल
परिंदे
को
अब
और
क्या
चाहिए
तेरी
नज़दीकियों
का
क़फ़स
और
क्या
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Muhammad Fuzail Khan
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कुछ
घर
अंदर
से
बाहर
तक
जगमग-जगमग
रहते
हैं
कुछ
घर
के
आंगन
में
केवल
एक
दीया
ही
जलता
है
Muhammad Fuzail Khan
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उदास
बैठे
हैं
सारे
रस्ते
बहुत
दिनों
से
बहुत
दिनों
से
गुज़र
तुम्हारा
नहीं
हुआ
है
Muhammad Fuzail Khan
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तेरे
क़दमों
से
जो
गलियां
वाक़िफ
थीं
उन
सेे
रिश्ता
एक
पुराना
तोड़
दिया
तुम
क्या
जानो
उन
गलियों
पर
क्या
गुज़री
तुमने
तो
बस
आना-जाना
छोड़
दिया
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Muhammad Fuzail Khan
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अपनी
ही
हर
इक
बात
को
कहते
हैं
सही
जो
कहते
हैं
तो
कहने
दो
किसी
के
हैं
नहीं
वो
Muhammad Fuzail Khan
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