येक्यासितमतिरेहोतेहुएख़लाहूँमैं
मैंअबभीज़िन्दाहूँतुझमेंयामरचुकाहूँमैं
किसेख़बरकेयहाँकोईआताजातानहीं
किसेख़बरकेदिलोंदिलमराहुआहूँमैं
जोपासबाँतिरीआँखोंकीबनगईज़ुल्फें
नज़रनज़रसेमिलेकैसेसोचताहूँमैं
जहाँपेमैंनेकभीज़िन्दगीकोछोड़ाथा
लोआजफिरउसीरस्तेपेआगयाहूँमैं
मैंचाहताथाजिसेक़ैदसेरिहाकरना
उसीकीराहकाकाँटाबनाहुआहूँमैं
ऐशहर-ए-इल्मबताकबतलककरूँँबरदाश्त
अबउसकीयादमेंपैवस्तहोगयाहूँमैं
तेरेलिबास-ए-उरूसीसेक्याग़रज़मुझको
तेरेलिबास-ए-उरूसीपेथूकताहूँमैं