दिल-लगी आशिक़ी निभाते हुए

  - Shadab Asghar
दिल-लगीआशिक़ीनिभातेहुए
उम्रगुज़रीफरेबखातेहुए
ज़िन्दगीअच्छेदिनदिखातेहुए
थकगईहैवोआज़मातेहुए
जिनकीमैंजुस्तजूलिएबैठा
साफदिखतेंहैदूरजातेहुए
अपनेबच्चोकोमैंसिखाउंगा
जातभीदेखोदिललगातेहुए
दसबरसलगगएमुझेअस
गर
दिलकीबातेंज़ुबाँपेलातेहुए
रोजीरोटीकीभागादौड़ीमें
शा'इरीखोहीदीकमातेहुए
आपतोएकहसीनलड़कींहैं
अच्छीलगतींहैंमुस्कुरातेहुए
  - Shadab Asghar
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