zeest men mire ye uljha ik sawaal rah gaya | ज़ीस्त में मिरे ये उलझा इक सवाल रह गया

  - Divu
ज़ीस्तमेंमिरेयेउलझाइकसवालरहगया
तूचलागयातोक्यूँँतिराख़यालरहगया
बिनछुएबिनाकिसीकोरंगेफागभीगई
हाथमेंधरावोसबकासबगुलालरहगया
भूलजाऍंअबतुझेकहींतोफिरसेदिललगे
सोच-सोचकरयेफिरसेएकसालरहगया
आतेजातेदेखूँतोहसीनकोईभीनहीं
मेरीआँखोंमेंबसातिराजमालरहगया
तुझकोयादकरनेकेसिवाभीकामहैंकई
परनज़रआताकुछभीक्याहीहालरहगया
जिसकेहिस्सेमैंलिखाउसेभलाहीक्याकहूँ
जैसेपत्तेझड़केहिस्सेसूखाडालरहगया
शख़्सियतहमेशामुस्कुरानेवालीहीरही
हश्रबादभीयेलड़कातोकमालरहगया
  - Divu
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