har jaan jab ghanshyaam si lagne lage | हर जान जब घनश्याम सी लगने लगे

  - "Dharam" Barot
हरजानजबघनश्यामसीलगनेलगे
संसारसारास्वर्गहीलगनेलगे
कुछअंधभक्तोकासहाराहोनेसे
रावणभीकैसेरामजीलगनेलगे
काफ़ीहैजाएमुझमेंरामका
फिरइश्क़मेंतूजानकीलगनेलगे
दुर्गाकीमुझपरहोदु'आऐसीकीबस
शिद्दतसेशिवमेंध्यानभीलगनेलगे
होजानीसारीइच्छापूरीसबकीही
उसपरमुहरभगवानकीलगनेलगे
  - "Dharam" Barot
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