ज़ख़्म-ए-इश्क़यूँँलगताहैख़ुदाराहै
याख़ुदाकाकोईजैसेइशाराहै
मैंतुम्हाराहीसौदाईहूँअबभीबस
बाक़ीपूरीहीदुनियासेकिनाराहै
जानभीनहींहैअबमेरेदिलमेंतो
जान,जानबिनभीयेदिलतुम्हाराहै
मशवराहैमेराटुकसोचनाभीमत
कैसाऔरक्याउल्फ़तमेंख़साराहै
तहसेतरतलककासाराकासाराहै
औरजोख़साराहैबसहमाराहै
मैंजिऊँनतेरेबिनएकआनभी
औरतेरेबिनभीमेरागुज़ाराहै
ताकतेमैंरहताहूँउसकोपूरीरात
एकदूरबेहदवोजोसिताराहै
हैगुलाबकेजैसाउनकाआरिज़
मेरेयारवोज़ालिमइतनाप्याराहै
उसकोदेखापलकेंभरकरकेमैंनेजब
यूँँलगामुक़म्मलजन्नतनज़ाराहै
अबनहींरहीचाहतमुझकोकोईभी
जबसेदिलयेमेराउल्फ़तमेंहाराहै
छूनपाएकोईहथियारभीमुझे
उसकीनज़रोंनेपरधोधोकेमाराहै
आताहैकहाँकरना"दीप"कोसुख़न
येख़यालोंकाबसउसकेसहाराहै